'किसी ने भी सच्चाई की परवाह नहीं की', 'मंकीगेट' कांड पर जल्द होगा बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा कि वह 2007-08 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दाैरान हुए 'मंकीगेट' कांड के बारे में कुछ खुलासे करेंगे। सीरीज के दूसरे टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के लिए उस समय कप्तानी कर रहे रिकी पोंटिंग ने मैदानी अंपायरों से शिकायत की थी कि हरभजन ने ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स को 'बंदर' कहा था। इसके बाद, स्टीव बकनर और दो ऑन-फील्ड अंपायर मार्क बेन्सन ने मैच रेफरी माइक प्रॉक्टर को मामले की सूचना दी। इसके बाद, हरभजन को नस्लीय दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया और मैच रेफरी ने उन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया। पूरी घटना भारतीय टीम प्रबंधन को रास नहीं आई, जिन्होंने अपना विरोध भी जताया था।

बाद में, हरभजन को आरोप से मुक्त कर दिया गया क्योंकि जस्टिस जॉन हैनसेन को भारतीय ऑफ स्पिनर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इस बीच, 24 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने वाले हरभजन ने कहा कि एससीजी टेस्ट के दौरान मैदान पर क्या हुआ, इसके बारे में नेटिजन्स पूरी तरह से अवगत नहीं हैं।

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मैं मानसिक रूप से कैसे डूब रहा था

मैं मानसिक रूप से कैसे डूब रहा था

हरभजन ने एनडीटीवी पर बात करते हुए कहा, "इस पूरी घटना में किसी ने भी सच्चाई की परवाह नहीं की। उन कुछ हफ्तों में मैं क्या कर रहा था और मैं मानसिक रूप से कैसे डूब रहा था, इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मैंने कभी भी इस घटना के बारे में किसी को विस्तार से नहीं बताया लेकिन लोगों को इसके बारे में मेरी आने वाली आत्मकथा में पता चलेगा। मैं जिस चीज से गुजरा वह किसी के साथ नहीं होना चाहिए था।"

भारत हार गया था वो मैच

भारत हार गया था वो मैच

उस मैच को स्टीव बकनर के खराब अंपायरिंग के लिए भी याद किया जाता है। सायमंड्स, जिन्हें उस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला था, वे जल्दी आउट हो सकते थे, लेकिन अंपायर ने फैसला सही नहीं सुनाया था। भारत के रन चेज के दौरान बल्लेबाजी की शुरुआत करने वाले राहुल द्रविड़ को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। टीम इंडिया के लिए ये फैसले महंगे साबित हुए क्योंकि वह मैच 122 रन से हार गई थी। हालांकि मेहमान टीम ने वापसी करते हुए पर्थ टेस्ट को शानदार अंतर से जीत लिया था।

नहीं मिल सका विदाई मैच

नहीं मिल सका विदाई मैच

हरभजन जब 31 साल के थे तभी 400 विकेट ले चुके थे। उस समय कहा जाता था कि वे आसानी से 500 विकेट के पार जा सकते थे, लेकिन जब 2011 में उन्होंने चोटों का सामना किया तो फिर वह टीम से अंदर-बाहर होने लगे। हरभजन शानदार तरीके से करियर का अंत करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 23 साल लंबे करियर को हरभनज ने आखिरकार शुक्रवार को अलविदा कह दिया। उन्होंने भारत की तरफ से 103 टेस्ट मैच खेलते हुए 417 विकेट चटकाए हैं। वहीं वनडे की बात करें तो उन्होंने भारत की तरफ से 236 वनडे मैचों में 269 विकेट लिए। वहीं टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो 28 मैचों में 25 विकेट लिए।

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Story first published: Saturday, December 25, 2021, 12:30 [IST]
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