
अहम मुकाबलो में डकवर्थ लुईस के चलते अफ्रीकी टीम को मिली हार
डकवर्थ लुईस के नियम ने दक्षिण अफ्रीका की टीम को आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। कई अहम मुकाबलों में अफ्रीकी टीम को इस नियम के चलते टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है, फिर चाहे 2015 के विश्वकप में न्यूजीलैंड के खिलाफ का मैच हो या फिर अन्य मुकाबले। आज हम डालेंगे उन मैचों पर नजर जिसमें डकवर्थ लुईस नियम ने दक्षिण अफ्रीका के लिए मुसीबत खड़ी की और इसी के चलते टीम को चोकर्स का तमगा तक मिल गया।
दक्षिण अफ्रीका की टीम दुनिया के काफी बेहतरीन खिलाड़ी शुरू से रहे हैं और दुनियाभर में इस टीम के प्रशंसक हैं, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में यह टीम हमेशा से बिखरती नजर आई है। 1999 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच टाई हुआ और टीम को ग्रुप स्टेज से ही बाहर होना पड़ा था।

दक्षिण अफ्रीका बनाम इंग्लैंड
दक्षिण अफ्रीका अपना पहला विश्वकप खेल रहा था और उसने सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई थी, सेमीफाइनल में अफ्रीका का मुकाबला इंग्लैंड से था। इंग्लैंड ने 45 ओवर में 252/6 रन बनाए थे। इस मैच को दक्षिण अफ्रीका के स्लो ओवर रेट की वजह से नुकसान उठाना पड़ा था, टीम ने अच्छी बैटिंग की और उसे अंत में 5 ओवर में चार विकेट पर 47 रन बनाने थे। टीम की ओर से डेविड रिचर्डसन औऱ ब्रायन मैकमिलन ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और टीम को 13 गेंद पर 22 रन के दरकार थी, लेकिन तभी मैच में बारिश होने लगी। 12 मिनट की बारिश के बाद मैच जब शुरु हुआ तो अफ्रीका को हार का सामना करना पड़ा। इसकी बड़ी वजह थी कि नए नियमों के तहत अफ्रीका को 7 गेंद पर 22 रन बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन बात यही नहीं रुकी, अफ्रीका को 1 गेंद पर 22 रन बनाने का लक्ष्य मिला औऱ टीम को हार का सामना करना पड़ा।

दक्षिण अफ्रीका बनाम श्रीलंका
लीग मैच में क्वालिफाई करने के लिए अफ्रीका को श्रीलंका के खिलाफ मैच को जीतना जरूरी था. लेकिन यह मैच बारिश की वजह से टाई हुआ औऱ टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था। इस दौर में अफ्रीका के पास शॉन पोलाक, हर्शेल गिब्बस, लॉस क्लूजनर, जैक कालिस, मार्क बाउचर, मखाया नतिनि, गैरी कर्स्टन जैसे खिलाड़ी थे। इस मैच में मर्वन अटापट्टू ने शतक लगाया और लंका ने 268 रन बनाए, मैच में गिब्बस ने 73 रनों की पारी खेली। लंका के स्कोर का पीछा करने उतरी अफ्रीकी टीम ने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन मैच को बारिश की वजह से 45 ओवर का कर दिया गया और मैच को 45 ओवर के बाद रोक दिया गया, इस वक्त तक अफ्रीका ने 6 विकेट खोकर 229 रन बना लिए थे।

गलतफहमी के चलते मिली हार
44 ओवर में मार्क बाउचर को यह बताया गया कि अगर हमारी टीम 45वें ओवर तक 229 रन बना लेती है तो हम डकवर्थ लुईस नियम के तहत जीत जाएंगे, बशर्ते हम एक भी विकट नहीं गंवाए। बाउचर और क्लूजनर ने मुरलीधरन के ओवर में 5 गेंदों पर 13 रन बनाए, आखिरी गेंद को बाउचर ने इसलिए डॉट खेला क्योंकि उन्हें यह पता था कि वह मैच को जीत जाएंगे, लेकिन तभी बारिश शुरु हुई औऱ मैदान पर कवर डाल दिए गए। लेकिन दिक्कत यह हुई कि बाउचर ने नियम को समझने में गलती की थी। जो संदेश भेजा गया था उसके अनुसार दक्षिण अफ्रीका को टाई करने के लिए 229 रन बनाने थे, लेकिन सुपर सिक्स में जगह बनाने के लिए टीम को जीत की दरकार थी।

दक्षिण अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड
2015 के विश्वकप में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में एबी डिविलियर्स और फाफ डू प्लेसिस शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और पारी को मजबूत स्थिति में ले जा रहे थे। दोनों ही बल्लेबाजों ने 31वें ओवर में अपने हाथ खोले और बड़े शॉट खेलना शुरु कर दिए। 35-38 ओवर के बीच दोनों ही खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाजी की, तभी मैच में बारिश ने खलल डाल दी। इस मैच में तकरीबन डेढ़ घंटे तक बारिश हुई और जब मैच शुरु तो इसे 43 ओवर का कर दिया गया और दक्षिण अफ्रीका ने 282 रन बनाए, लेकिन डकवर्थ लुईस नियम के तहत न्यूजीलैंड को 298 रनों का लक्ष्य मिला। इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी किवी टीम की ओर से ब्रैंडम मैक्कुलम ने 26 गेंदों पर 59 रनों की तूफानी पारी खेली और टीम की जीत दिलाई। इस मैच में भी डकवर्थ लुईस नियम के चलते दक्षिण अफ्रीका की टीम को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।


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