स्वर्ण जीतकर बिंद्रा ने रचा इतिहास
बीजिंग, 11 अगस्त: बीजिंग ओलंपिक खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने इतिहास रच दिया है। बिंद्रा की यह उपलब्धि भारतीय खेलों के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी। वो इसलिए क्योंकि वो पहले भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता है।
स्वर्ण पदक पर बिंद्रा का निशाना लगाते ही 28 साल बाद ओलंपिक स्थल में भारत का राष्ट्र गान के साथ तिरंगा शान से लहरा उठा। इससे पहले भारत ने 1980 में मास्को ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था।
क्वालीफाइंग मुकाबले में 596 अंक हासिल करने के बाद बिंद्रा ने जबर्दस्त मानसिक एकाग्रता का परिचय दिया और अंतिम दौर में 104.5 का स्कोर किया। उन्होंने कुल 700.5 अंकों के साथ स्वर्ण पर निशाना साधने में कामयाबी हासिल की।
बिंद्रा ने क्वालीफाइंग मुकाबले में चौथा स्थान हासिल किया था, जबकि उनके प्रतियोगी गगन नारंग बहुत करीबी अंतर से फाइनल में पहुंच पाने से वंचित रह गए। वे नौवें स्थान पर रहे थे।
पच्चीस वर्षीय अभिनव बिंद्रा एयर राफल निशानेबाजी में वर्ष 2006 में विश्व चैम्पियन भी रह चुके हैं। पदक वितरण समारोह के तुरंत बाद बिंद्रा यहां के शूटिंग रेंज हॉल में संवाददाताओं से मुखातिब हुए।
बिंद्रा ने कहा कि भारत के लिए स्वर्ण जीतना उनके लिए गौरवाशाली क्षण है। भारत में ओलंपिक खेलों को महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने आशा जताई कि अब देश में ओलंपिक खेलों पर ध्यान दिया जाएगा।
स्वर्ण पदक पर बिंद्रा का निशाना लगाते ही 28 साल बाद ओलंपिक स्थल में भारत का राष्ट्र गान के साथ तिरंगा शान से लहरा उठा। इससे पहले भारत ने 1980 में मास्को ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था।
क्वालीफाइंग मुकाबले में 596 अंक हासिल करने के बाद बिंद्रा ने जबर्दस्त मानसिक एकाग्रता का परिचय दिया और अंतिम दौर में 104.5 का स्कोर किया। उन्होंने कुल 700.5 अंकों के साथ स्वर्ण पर निशाना साधने में कामयाबी हासिल की।
बिंद्रा ने क्वालीफाइंग मुकाबले में चौथा स्थान हासिल किया था, जबकि उनके प्रतियोगी गगन नारंग बहुत करीबी अंतर से फाइनल में पहुंच पाने से वंचित रह गए। वे नौवें स्थान पर रहे थे।
पच्चीस वर्षीय अभिनव बिंद्रा एयर राफल निशानेबाजी में वर्ष 2006 में विश्व चैम्पियन भी रह चुके हैं। पदक वितरण समारोह के तुरंत बाद बिंद्रा यहां के शूटिंग रेंज हॉल में संवाददाताओं से मुखातिब हुए।
बिंद्रा ने कहा कि भारत के लिए स्वर्ण जीतना उनके लिए गौरवाशाली क्षण है। भारत में ओलंपिक खेलों को महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने आशा जताई कि अब देश में ओलंपिक खेलों पर ध्यान दिया जाएगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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