भोपाल, 10 जून (आईएएनएस)। भारतीय हाकी एक बार फिर नया मुकाम हासिल कर सकती हैं। बस इसके लिए जरूरत हैं ग्लैमर और पैसे की। यह मानना हैं उन पूर्व हाकी खिलाडियों का जो भारतीय हाकी की पहचान हुआ करते थे।
मध्य प्रदेश के खेल एवं युवक कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रदर्शन मैच में हिस्सा लेने आए धनराज पिल्लेई का मानना हैं कि हाकी को भी ग्लैमर और पैसे की जरूरत हैं। ऐसा होने पर ही नई पीढ़ी हाकी की तरफ आकर्षित होगी और भारतीय हाकी अपनी जगह बनाने में कामयाब होगी। अगर क्रिकेट की तरह बालीवुड हाकी से जुड़ता है तो पिल्लई इसे बुरा नहीं मानते। उन्हें लगता हैं कि भारतीय हाकी की स्थिति में सुधार आएगा मगर उन्हें यह स्वीकारने में कतई परहेज नहीं हैं कि इसमें वक्त लगेगा।
पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी एम़ आऱ नेगी तो नई पीढ़ी को हाकी से जोड़ने के लिए ग्लैमर और पैसे को जरूरी मानते हैं। उनका मानना हैं कि इसकी हर किसी को जरूरत हैं। नेगी को उम्मीद हैं कि भारत में हाकी का भी माहौल बनेगा और हाकी की स्थिति में सुधार आएगा।
भारतीय हाकी संघ की तदर्थ समिति के अध्यक्ष असलम शेर खान को भरोसा हैं कि भारतीय हाकी फिर इतिहास को दोहराएगी। इसकी शुरुआत भोपाल में हुए एक प्रदर्शन मैच से हो चुकी हैं। यह मैच आने वाले समय में भारतीय हाकी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। भारतीय हाकी संघ में पहली बार खिलाडियों को शामिल किए जाने को खान ने हाकी के लिए सुखद बताया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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