
युवी के लिए आसान नहीं होता गेंदबाजी करना
कोहली ने कहा कि अगर टीम के चार-पांच विकेट गिर गए हो और आपको कुछ ओवर निकालने हैं तो युवराज सिंह कारगर साबित हो सकते हैं, लेकिन जिस स्टेज पर श्रीलंका का मैच था, मुझे नहीं लगता युवी कारगर साबित होते, क्योंकि जडेजा को काफी रन पड़े थे। मैदान पर चल रही तेज हवा के बीच गेंदबाजी करना मुश्किल था। हवा उस तरफ चल रही थी जिधर सीमा रेखा छोटी थी। ऐसे में अगर जडेजा के लिए मुश्किल हो रही थी तो युवी के लिए और ज्यादा मुश्किल होता ऐसे माहौल में गेंदबाजी करना।

धोनी से भी लिया सुझाव
कोहली ने बताया कि उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी से सुझाव लिया था, जिसके बाद केदार जाधव को गेंदबाजी पर लाया गया था। हम दोनों ने एक दूसरे से बात की, हमें लगा कि जाधव को गेंद देनी चाहिए, उस वक्त वह बेहतर विकल्प थे, अगर आप इंग्लैंड में थोड़ी तेज गेंद डालते हैं तो मदद मिलती है और बल्लेबाज को कुछ देर के लिए काबू कर सकते हैं। जिसके बाद मैंने सोचा कि क्यों ना जाधव से कुछ ओवर डलवाए जाएं, हमने कुछ हद तक अच्छा संतुलन भी किया था, लेकिन विकेट काफी सूखा था।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला अहम
कोहली ने कहा कि जिस तरह की परिस्थिति थी मैच में, हम उस वक्त मैच में थे, हमे पता था कि पिच पर क्या हो रहा है। स्पिन गेंदबाजों का काफी मुश्किल हो रही थी, ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि उस वक्त युवराज सिंह से गेंदबाजी कराना सही होता। आपको बता दें कि भारत का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा, इस मैच में भारत अगर हारता है तो वह चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो जाएगा।

काफी अहम है ग्रुप बी की स्थिति
आपको बता दें कि भारत के खिलाफ जीत के साथ ही ग्रुप बी की अंकतालिका काफी दिलचस्प हो गई है, इस ग्रुप में सभी टीमें दो-दो मैच खेल चुकी हैं और सभी टीमें एक-एक मैच जीता है जबकि एक-एक मैच हारा है। लिहाजा अब इस ग्रुप में होने वाले दोनों मुकाबले क्वार्टर फाइनल की तरह हो गए हैं, जो भी टीम अब हारेगी उसे चैंपिंयस ट्रॉफी से बाहर होना पड़ेगा ,लिहाजा भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाला मैच काफी अहम है।


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