35 के हुए सचिन तेंदुलकर
नई दिल्ली, 24 अप्रैलः टेस्ट और वनडे क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का आज 35वां जन्मदिन है। 24 अप्रैल 1973 को मुम्बई में जन्में सचिन रमेश तेंदुलकरने क्रिकेट की “नर्सरी" कहे जाने वाली शिवाजी पार्क ( मुम्बई) में रमांकांत आचरेकरसे क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया है।
सिर्फ 14 वर्ष की अयु मेंरणजी टीम में जगह पाने औरसोलह वर्ष की आयु मेंटेस्ट जीवन की शुरूआत करने वाले सचिन का मानना है कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट से टेस्ट क्रिकेट पर किसी प्रकार का असर नहीं पडे़गा लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वन डे क्रिकेट इससे प्रभावित हो सकता है।
अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एक चैनल से खास बातचीत में तेंदुलकर ने कहा "मुझे नहीं लगता कि ट्वेंटी-20 का टेस्ट क्रिकेट पर कुछ असर पड़ेगा लेकिन वनडे में कुछ बदलाव आ सकते हैं क्योंकि यह इस प्रारूप के काफी करीब है"।
उन्होंने कहा "मैं केवल रिकार्ड के लिये नहीं खेलता, क्रिकेट खेलना मेरे लिये एक जुनून है"। "मैं इसका पूरा मजा लेता हूं और इस दौरान अगर कोई रिकार्ड बनता या टूटता है तो अच्छा है और अगर ऐसा नहीं भी होता तो भी अच्छा है"।
तेंदुलकर ने कहा "मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करता हूं। यह पूछने पर कि आमतौर पर माना जाता है कि किसी भी सफल व्यक्ति के पीछे किसी महिला का हाथ होता है सचिन ने कहा मेरी जिंदगी में दो ही महिला हैं मेरी मां और दूसरी मेरी पत्नी अंजली। इसके अलावा मेरे कैरियर में मेरे पिता भाई और कोच रमाकांत अचरेकर जी का भी बड़ा योगदान है"।
यह पूछने पर कि क्या वे अपने पुत्र को क्रिकेटर बनाना चाहते है उन्होंने कहा 'यह उसकी मर्जी पर होगा लेकिन मैं उसे क्रिकेटर बनने के लिये बाध्य नहीं करूंगा। मैंने भी जब क्रिकेट खेलना शुरू किया तो मुझे भी किसी ने क्रिकेट खेलने के लिये बाध्य नहीं किया था"।
सिर्फ 14 वर्ष की अयु मेंरणजी टीम में जगह पाने औरसोलह वर्ष की आयु मेंटेस्ट जीवन की शुरूआत करने वाले सचिन का मानना है कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट से टेस्ट क्रिकेट पर किसी प्रकार का असर नहीं पडे़गा लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वन डे क्रिकेट इससे प्रभावित हो सकता है।
अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एक चैनल से खास बातचीत में तेंदुलकर ने कहा "मुझे नहीं लगता कि ट्वेंटी-20 का टेस्ट क्रिकेट पर कुछ असर पड़ेगा लेकिन वनडे में कुछ बदलाव आ सकते हैं क्योंकि यह इस प्रारूप के काफी करीब है"।
उन्होंने कहा "मैं केवल रिकार्ड के लिये नहीं खेलता, क्रिकेट खेलना मेरे लिये एक जुनून है"। "मैं इसका पूरा मजा लेता हूं और इस दौरान अगर कोई रिकार्ड बनता या टूटता है तो अच्छा है और अगर ऐसा नहीं भी होता तो भी अच्छा है"।
तेंदुलकर ने कहा "मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करता हूं। यह पूछने पर कि आमतौर पर माना जाता है कि किसी भी सफल व्यक्ति के पीछे किसी महिला का हाथ होता है सचिन ने कहा मेरी जिंदगी में दो ही महिला हैं मेरी मां और दूसरी मेरी पत्नी अंजली। इसके अलावा मेरे कैरियर में मेरे पिता भाई और कोच रमाकांत अचरेकर जी का भी बड़ा योगदान है"।
यह पूछने पर कि क्या वे अपने पुत्र को क्रिकेटर बनाना चाहते है उन्होंने कहा 'यह उसकी मर्जी पर होगा लेकिन मैं उसे क्रिकेटर बनने के लिये बाध्य नहीं करूंगा। मैंने भी जब क्रिकेट खेलना शुरू किया तो मुझे भी किसी ने क्रिकेट खेलने के लिये बाध्य नहीं किया था"।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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