'जो गलत करेंगे मिट जाएंगे, खेल तो हमेशा जिंदा रहेगा'
कोलकाता। प्रदीप तपादार कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में प्रसाद की दुकान चलाते हैं। बचपन से ही पूजा-अर्चना में रमे रहने वाले तपादार को वैसे तो खेलों में कोई विशेष रुचि नहीं, लेकिन वह इतना जरूरत जानते हैं कि खेल हो या धर्म, ये हमेशा बने रहेंगे जबकि इन्हें बदनाम करने वाले मिट जाएंगे।
काली मंदिर प्रांगण में दुकान चलाने वाले तपादार क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर ग्राहकों के बीच चर्चा चलने के कुछ देर बाद चुप नहीं रह सके और उन्होंने कहा, "बाबू, वैसे तो मैं खेल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता लेकिन इतना जरूरत जानता हूं कि ये सदियों से चले आ रहे हैं और आने वाली कई सदियों तक चलते रहेंगे लेकिन इन्हें बदनाम करने वाले मिट जाएंगे। मेरी समझ से यही बात धर्म के साथ भी लागू होती है। धर्म का नाजायज फायदा उठाने वाले मिट गए और मिट जाएंगे लेकिन इसकी अच्छाई बनी रहेगी।"
स्पॉट फिक्सिंग को लेकर फुटबाल नगरी कोलकाता में एक अलग तरह का रोष है। इस शहर को खेलों की समझ है और हर खेल, विशेषकर फुटबाल और संस्कृति की समझ है। ऐसा नहीं है कि इस शहर ने फुटबाल की तरह क्रिकेट को भी अनेकों नगीने दिए हों, लेकिन इसने सौरव गांगुली के रूप में भारतीय टीम को एक ऐसा हीरा दिया, जिसने अपनी चमक से भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग से सभी हैरान हैं। कोलकातावासी इससे अछूते नहीं हैं। आम जीवन में ईमानदारी को तह-ए-दिल से आत्मसात करने वाले यहां के लोग खेलों में ईमानदारी के पक्षधर हैं, क्योंकि अब खेल सिर्फ शौक नहीं बल्कि लोगों की जीविका का साधन बन चुके हैं।
भारत पेट्रोलियम में चार्टर्ड अकाउंटेंट आलोक सिकदर मैदान इलाके में मेट्रो का सफर करते मिल गए। सिकदर ने कहा कि इस बार आईपीएल ने कोलकाता को नई सौगात दी है। यहां दो मैच हो चुके हैं और दो होने हैं। उद्घाटन समारोह को लेकर भी खासा उत्साह रहा, लेकिन स्पॉट फिक्सिंग ने लोगों को निराश कर दिया। सिकदर के मुताबिक इसके बावजूद हालांकि लोगों का ट्वेंटी-20 क्रिकेट और खासतौर पर आईपीएल को लेकर जोश कम नहीं हुआ है।
लालिमा बसु कोलकाता विश्वविद्यालय की छात्रा हैं और मुम्बई इंडियंस के खिलाड़ी रोहित शर्मा की फैन हैं। उनसे जब स्पॉट फिक्सिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह एक बीमारी है। यह उन्हीं को लगती है जो बेईमान होते हैं या फिर यह मानकर चलने लगते हैं कि उनका अब कोई भविष्य नहीं। जो यह मानते हैं कि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेल सकते हैं, वे ऐसा करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। अच्छा है कि मैं ऐसे खिलाड़ी को पसंद करती हूं, जो ईमानदार भी है और प्रतिभाशाली भी।"
बहरहाल, दिल्ली की तेज गर्मी में एक-एक लड़ाई लड़ने के बाद अब मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स टीमें शरीर का पसीना निचोड़ लेने वाली कोलकाता की उमस में शुक्रवार को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में आईपीएल का दूसरा क्वालीफायर मुकाबला खेलेंगी। यह मुकाबला तय करेगा कि कौन सी टीम 26 मई को इसी मैदान पर होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र के फाइनल मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स का सामना करेगी और कौन घर का रास्ता नापेगी।
राजस्थान ने स्पॉट फिक्सिंग के 'भूत' से पल्ला झाड़ते हुए बुधवार को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए एकमात्र एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को पराजित किया था। दूसरी ओर, मुम्बई इंडियंस को कोटला में ही खेले गए पहले क्वालीफायर में सुपर किंग्स के हाथों करारी शिकस्त मिली थी। कोलकातावासी क्वालीफायर-2 और फाइनल के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस साल आईपीएल उनके लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है, क्योंकि छह साल में पहली बार आईपीएल का उद्घाटन और उद्घाटन मुकाबला भी यहीं हुआ था और अब सेमीफाइनल और फाइनल भी यहीं खेला जाएगा।
यह अलग बात है कि इस बार उनकी चहेती और स्थानीय टीम कोलकाता नाइट राइडर्स शीर्ष-4 में जगह नहीं बना सकी लेकिन क्रिकेट के दीवाने शहर को इससे अधिक फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। वे तो बस अच्छी क्रिकेट के कद्रदान हैं और उन्हें अगले तीन दिनों इसी का इंतजार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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