कोलकाता। प्रदीप तपादार कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में प्रसाद की दुकान चलाते हैं। बचपन से ही पूजा-अर्चना में रमे रहने वाले तपादार को वैसे तो खेलों में कोई विशेष रुचि नहीं, लेकिन वह इतना जरूरत जानते हैं कि खेल हो या धर्म, ये हमेशा बने रहेंगे जबकि इन्हें बदनाम करने वाले मिट जाएंगे।
काली मंदिर प्रांगण में दुकान चलाने वाले तपादार क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर ग्राहकों के बीच चर्चा चलने के कुछ देर बाद चुप नहीं रह सके और उन्होंने कहा, "बाबू, वैसे तो मैं खेल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता लेकिन इतना जरूरत जानता हूं कि ये सदियों से चले आ रहे हैं और आने वाली कई सदियों तक चलते रहेंगे लेकिन इन्हें बदनाम करने वाले मिट जाएंगे। मेरी समझ से यही बात धर्म के साथ भी लागू होती है। धर्म का नाजायज फायदा उठाने वाले मिट गए और मिट जाएंगे लेकिन इसकी अच्छाई बनी रहेगी।"