नई दिल्लीः बीसीसीआई के चीफ मेडिकल ऑफिसर अभिजीत साल्वी ने व्यक्तिगत कारणों के चलते इस्तीफा दे दिया है। साल्वी ने इस बारे में पीटीआई से बातचीत करते हुए कि उनका नोटिस पीरियड 30 नवंबर को ही समाप्त हो गया था लकिन उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच तक अपना काम जारी रखा जो 7 दिसंबर तक चला। साल्वी का रोल कोविड काल में काफी महत्वपूर्ण हो गया था क्योंकि उनको खिलाड़ियों की लगातार टेस्टिंग करनी पड़ी और बायो बबल इंटरनेशनल क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा बन चुका था।
साल्वी ने कहा कि, मैं बीसीसीआई को ये अवसर देने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं इस संस्था में 10 साल तक जुड़ा रहा और अब मैं आगे बढ़ना चाहता हूं। कोविड के समय में मेरी नौकरी सप्ताह में 7 दिन 24 घंटे की हो गई थी और अब मैं अपने व अपने परिवार के लिए समय देना चाहता हूं।
सालवी को बीसीसीआई ने अपनी एज वेरिफिकेशन, anti-doping और मेडिकल विंग का इंचार्ज बनाया हुआ था। उनका इस्तीफा तब आया है जब अंडर 16 टीम के लड़कों की नेशनल चैंपियनशिप होनी है जिसको विजय मर्चेंट ट्रॉफी भी कहते हैं और यह अगले महीने शुरू होने जा रही है।
सालवी को भारतीय क्रिकेट टीम के साथ कुछ दौरों पर भी जाना पड़ा जिनमें ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका भी शामिल है। उन्होंने आईपीएल के दो संस्करण में भी मेडिकल अरेंजमेंट संभाला और T20 वर्ल्ड कप में भी वे मेडिकल जिम्मेदारियों का भार उठा रहे थे जहां पर बीसीसीआई मेजबान था।
मौजूदा समय में भी कोविड की डबल डोज के बावजूद भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कोविड हालातों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है। हालांकि अब पहले जैसे बेहद सख्त क्वारेंटाइन नहीं रह गया है लेकिन अब भी बायो बबल के सख्त नियमों के अधीन ही क्रिकेट चलता है। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के खेमे में कोविड अटैक हुआ था जिसके बाद टीम आनन-फानन में यूएई रवाना हो गई थी। अब टीम साउथ अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट के तहत सख्त बबल में रह रही है।