सौरव ने कहा कि रोहित में काफी प्रतिभा थी लेकिन वह मैदान पर इसका प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था और अब उसने अपने प्रदर्शन से टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। गौर हो कि ओपनिंग करने के बाद से ही रोहित शर्मा टीम में अपनी जगह निश्चित कर पाए हैं, उन्होने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रनों की पारी खेली थी, इसके अलावा कंगारू टीम के खिलाफ ही रोहित ने 143 रनों की पारी खेल खुद को एक बेहतरीन एकदिवसीय सलामी बल्लेबाज के रूप में साबित किया। सौरव का कहना है कि ऐसा कोई भी खिलाड़ी नहीं होगा जिसे सौ वनडे मैच खेलने के बाद टेस्ट खेलने का मौका मिला हो।
सौरव के अनुसार रोहित की सफलता का श्रेय धोनी को जाता है, जिन्होने उसे इतने मौके दिये। पहले हमारे पास इतने मौके नहीं हुआ करते थे। इससे खिलाडि़यों पर भी सीमित मौकों में खुद को बेहतर साबित करने का दबाव होता था।
खुद की कप्तानी के बारे में सौरव का कहना है कि 'मैंने जो कुछ भी किया, जो भी पाया उससे संतुष्ट हूं।