मुझे पहचानो, मैं हूँ डॉन!
बंगलौर में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच की कुछ चुलबुली और अंदर की ख़बरें बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव...
इनका नाम है रसेल राधाकृष्णन. वैसे तो अभी कुछ दिन पहले ये भारतीय टीम का प्रचालन तंत्र देखते थे, मगर अब लगता है कि अनौपचारिक तरीके से मीडिया मैनेजर भी हो ही गए हैं.
पत्रकारों को बेहद संदेहास्पद नज़रों से देखते हुए ये सज्जन उन्हें एक-एक कर के अपने सवाल पूछने की इजाज़त भी देते हैं. ख़ास बात ये कि ये बीच-बीच में एक जबरन सी मुस्कान भी बिखेरने में माहिर हैं.
सचिन की फ़ील्डिंग
पिछले कई दिनों में एक बात है जो रोज़ होती है.
सचिन तेंदुलकर जब भी बाउंड्री पर फील्डिंग करने पहुँचते हैं, उस तरफ़ के स्टैंड वाले दर्शक नीचे आकर कर बाउंड्री की चार दीवारी के इर्द गिर्द उतर कर शोर मचाने लगते हैं.
सचिन अपने चाहने वालों को हाथ हिलाना और समय निकाल कर ऑटोग्राफ देना नही भूलते. सचिन तो सचिन ठहरे! वो भी बीच-बीच में अपने इन तमाम चाहने वालों को देख कर हाथ हिला देते हैं और समय निकाल कर ऑटोग्राफ देना भी नही भूलते!
वैसे सारे स्टेडियम में तब भी ढोल-नगाड़ों की आवाजें गूंजती है जब-जब फील्डिंग करते वक्त सचिन के पास गेंद पहुँचती है.
जाने क्या होगा रामा रे
पहले टेस्ट के आख़िरी दिन जब भारतीय टीम सुबह आठ बजे मैदान पर नेट प्रेक्टिस करने पहुँची, तब राहुल द्रविड़ और कोच गैरी कर्स्टन ने ख़ासा समय पिच के इर्द-गिर्द मुआयना करते हुए बिताया.
लक्ष्मण बेहद मस्ती के मूड में थे. कर्स्टन पिच के कई हिस्सों को बैठ-बैठ कर देखते हुए ये भांपने की कोशिश कर रहे थे कि भारतीय बल्लेबाजों को मदद मिलेगी भी या नहीं.
वैसे दादा यानी सौरव गांगुली ने सुबह नेट प्रेक्टिस में सबसे पहले बल्लेबाजी का अभ्यास करना शुरू किया और इस मैच में टीम में नहीं शामिल किए गए मुनाफ़ पटेल और आरपी सिंह उन्हें क़रीब 20 मिनट तक तेज़ गेंदें डालते रहे.
सुबह-सुबह लक्ष्मण बेहद मस्ती के मूड में नज़र आ रहे थे. हल्की-फुल्की जॉगिंग करते वक्त लक्ष्मण टीम के हर सदस्य के कंधे पर हाथ रख कर सभी से कुछ मज़ाक कर रहे थे. यही नहीं, कई बार तो वे ठहाके लगा कर हंस भी देते थे.
कैसे हुआ दर्शकों का जमावड़ा
टेस्ट मैच के आखिरी दिन हैरत की बात ये रही कि दोपहर के भोजन के पहले तक मैदान में हर हिस्से में बहुत कम दर्शक दिख रहे थे. कोई भी ऐसा स्टैंड नही था जिसे पूरा भरा हुआ कहा जा सके.
हालांकि जब यह ख़बर फैली कि ऑस्ट्रेलिया ने खेल शुरू होने के आधे घंटे बाद पारी समाप्ति की घोषणा कर दी है, अब भारतीय बल्लेबाज़ बैटिंग करते दिखेंगे. उसके बाद ही धीरे-धीरे स्टेडियम के हर हिस्से में दर्शकों का जमावडा लगना शुरू हो गया.
इनका नाम है रसेल राधाकृष्णन. वैसे तो अभी कुछ दिन पहले ये भारतीय टीम का प्रचालन तंत्र देखते थे, मगर अब लगता है कि अनौपचारिक तरीके से मीडिया मैनेजर भी हो ही गए हैं.
पत्रकारों को बेहद संदेहास्पद नज़रों से देखते हुए ये सज्जन उन्हें एक-एक कर के अपने सवाल पूछने की इजाज़त भी देते हैं. ख़ास बात ये कि ये बीच-बीच में एक जबरन सी मुस्कान भी बिखेरने में माहिर हैं.
सचिन की फ़ील्डिंग
पिछले कई दिनों में एक बात है जो रोज़ होती है.
सचिन तेंदुलकर जब भी बाउंड्री पर फील्डिंग करने पहुँचते हैं, उस तरफ़ के स्टैंड वाले दर्शक नीचे आकर कर बाउंड्री की चार दीवारी के इर्द गिर्द उतर कर शोर मचाने लगते हैं.
सचिन अपने चाहने वालों को हाथ हिलाना और समय निकाल कर ऑटोग्राफ देना नही भूलते. सचिन तो सचिन ठहरे! वो भी बीच-बीच में अपने इन तमाम चाहने वालों को देख कर हाथ हिला देते हैं और समय निकाल कर ऑटोग्राफ देना भी नही भूलते!
वैसे सारे स्टेडियम में तब भी ढोल-नगाड़ों की आवाजें गूंजती है जब-जब फील्डिंग करते वक्त सचिन के पास गेंद पहुँचती है.
जाने क्या होगा रामा रे
पहले टेस्ट के आख़िरी दिन जब भारतीय टीम सुबह आठ बजे मैदान पर नेट प्रेक्टिस करने पहुँची, तब राहुल द्रविड़ और कोच गैरी कर्स्टन ने ख़ासा समय पिच के इर्द-गिर्द मुआयना करते हुए बिताया.
लक्ष्मण बेहद मस्ती के मूड में थे. कर्स्टन पिच के कई हिस्सों को बैठ-बैठ कर देखते हुए ये भांपने की कोशिश कर रहे थे कि भारतीय बल्लेबाजों को मदद मिलेगी भी या नहीं.
वैसे दादा यानी सौरव गांगुली ने सुबह नेट प्रेक्टिस में सबसे पहले बल्लेबाजी का अभ्यास करना शुरू किया और इस मैच में टीम में नहीं शामिल किए गए मुनाफ़ पटेल और आरपी सिंह उन्हें क़रीब 20 मिनट तक तेज़ गेंदें डालते रहे.
सुबह-सुबह लक्ष्मण बेहद मस्ती के मूड में नज़र आ रहे थे. हल्की-फुल्की जॉगिंग करते वक्त लक्ष्मण टीम के हर सदस्य के कंधे पर हाथ रख कर सभी से कुछ मज़ाक कर रहे थे. यही नहीं, कई बार तो वे ठहाके लगा कर हंस भी देते थे.
कैसे हुआ दर्शकों का जमावड़ा
टेस्ट मैच के आखिरी दिन हैरत की बात ये रही कि दोपहर के भोजन के पहले तक मैदान में हर हिस्से में बहुत कम दर्शक दिख रहे थे. कोई भी ऐसा स्टैंड नही था जिसे पूरा भरा हुआ कहा जा सके.
हालांकि जब यह ख़बर फैली कि ऑस्ट्रेलिया ने खेल शुरू होने के आधे घंटे बाद पारी समाप्ति की घोषणा कर दी है, अब भारतीय बल्लेबाज़ बैटिंग करते दिखेंगे. उसके बाद ही धीरे-धीरे स्टेडियम के हर हिस्से में दर्शकों का जमावडा लगना शुरू हो गया.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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