फीफा: दक्षिण कोरिया को 2-1 से रौंदकर उरुग्वे क्वार्टरफाइनल में
नेल्सन मंडेला बे/पोर्ट एलिजाबेथ। फीफा विश्व कप 2010 के पहले नॉक आउट मुकाबले में शनिवार को उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से करारी शिकस्त देते हुए टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में पहुंच गई। वहीं इस हार के बाद दक्षिण कोरिया को बाहर का रास्ता देखना पड़ा।
नेल्सन मंडेला बे स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में उरुग्वे ने मैच के आठवें मिनट में पहला गोल दाग कर बढ़त बना ली। बढ़त का फायदा उठाते हुए दक्षिण कोरियाई टीम पर लगातार दबाव बनाए रही। उरुग्वे ने मध्यांतर के बाद के खेल के 20 मिनट तक 1-0 से बढ़त बनाए रखा था लेकिन कोरियाई मिडफील्डर ली चुंगयोंग ने अपनी टीम के लिए पहला गोल कर मुकाबले को बराबरी पर पहुंचा दिया था।
चुंगयोंग ने 68वें मिनट में यह गोल किया था। इसके बाद 80वें मिनट में दूसरा गोल दागकर उरुग्वे ने अपनी जीत सुनिश्चित कर ली। उरुग्वे के लिए दोनों गोल फारवर्ड खिलाड़ी लुईस सुआरेज ने किए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए सुआरेज को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
उरुग्वे की टीम लीग मुकाबलों में ग्रुप-ए में अव्वल रही थी जबकि कोरिया की टीम इस दौर में ग्रुप-बी में दूसरे स्थान पर थी। कोच ऑस्कर तबरेज के दिशा-निर्देशों पर उरुग्वे की टीम ने अब तक प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाया है।
1930 और 1950 में विश्व कप जीतने वाली उरुग्वे की टीम को मौजदा विश्व कप की सबसे संतुलित टीमों में माना जा रहा है। इसी के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए उसके खिलाड़ियों ने अपनी टीम को क्वोर्टरफाइनल में पहुंचा दिया।
नेल्सन मंडेला बे स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में उरुग्वे ने मैच के आठवें मिनट में पहला गोल दाग कर बढ़त बना ली। बढ़त का फायदा उठाते हुए दक्षिण कोरियाई टीम पर लगातार दबाव बनाए रही। उरुग्वे ने मध्यांतर के बाद के खेल के 20 मिनट तक 1-0 से बढ़त बनाए रखा था लेकिन कोरियाई मिडफील्डर ली चुंगयोंग ने अपनी टीम के लिए पहला गोल कर मुकाबले को बराबरी पर पहुंचा दिया था।
चुंगयोंग ने 68वें मिनट में यह गोल किया था। इसके बाद 80वें मिनट में दूसरा गोल दागकर उरुग्वे ने अपनी जीत सुनिश्चित कर ली। उरुग्वे के लिए दोनों गोल फारवर्ड खिलाड़ी लुईस सुआरेज ने किए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए सुआरेज को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
उरुग्वे की टीम लीग मुकाबलों में ग्रुप-ए में अव्वल रही थी जबकि कोरिया की टीम इस दौर में ग्रुप-बी में दूसरे स्थान पर थी। कोच ऑस्कर तबरेज के दिशा-निर्देशों पर उरुग्वे की टीम ने अब तक प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाया है।
1930 और 1950 में विश्व कप जीतने वाली उरुग्वे की टीम को मौजदा विश्व कप की सबसे संतुलित टीमों में माना जा रहा है। इसी के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए उसके खिलाड़ियों ने अपनी टीम को क्वोर्टरफाइनल में पहुंचा दिया।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:23 [IST]
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