धोनी की टीम को टेस्ट श्रृंखला में 0-4 की करारी हार का सामना करना पड़ा था जबकि उसने पांच मैचों की वनडे श्रृंखला 0-3 से गंवाई थी। टीम को एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच श्रृंखला भी गंवानी पड़ी थी।
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पिछले दौर पर भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और कप्तान धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे लेकिन इसके बावजूद टीम जीत से वंचित रही। इस बार हालांकि टीम इंडिया की नजरें विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा जैसे युवा खिलाडि़यों पर हैं।
टीम को नौ जुलाई को नाटिंघम में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में अपना जौहर दिखाना है। दूसरा अभ्यास मैच एक से तीन जुलाई तक डर्बीशर के खिलाफ खेला जाएगा। इसके अलावा टीम में शामिल अधिकांश खिलाड़ियों को आईपीएल के बाद आराम दिया गया था क्योंकि उन्होंने लंबे सत्र में हिस्सा लिया जिसमें दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड दौरे भी शामिल रहे।
टीम इंडिया के कप्तान धोनी की दो चुनौतियां हैं। एक तो वो मैच को नई दिशा में ले जाते हुए जीत का परचम लहराएं साथ ही अपने ऊपर लगे मामले में अदालती कार्रवाई का सामना करें व अपनी सफाई पेश करें।