दूसरा टेस्ट मैच 14 नवंबर से मुंबई में खेला जाना है। इसी मैच के बाद संन्यास लेंगे सचिन। इस सीरीज का पहला टेस्ट मैच 6 नवबर से खेला जाना है। इसके आयोजन स्थल के नाम की घोषणा अभी नहीं हुई है। संन्यास का ऐलान करते हुए सचिन ने कहा कि यह बहुत कठिन समय है और क्रिकेट के बिना जिंदगी की कल्पना करना भी मुश्किल है। सचिन ने कहा 'मैंने जीवन में देश के लिए खेलने का सपना पाला था। बीते 24 साल से मैं हर दिन इस सपने को जी रहा हूं। मेरे लिए क्रिकेट के बगैर रहना नामुमकिन सा लगता है क्योंकि 11 साल की उम्र से मैं इस खेल के साथ रचा-बसा हूं।
देश के लिए खेलना मेरे लिए महान सम्मान की बात है. मैं अपने घरेलू मैदान पर 200वां टेस्ट मैच खेलते हुए इस महान खेल को अलविदा कहना चाहता हूं।' 'बीते सालों में मेरा साथ देने के लिए मैं बीसीसीआई को धन्यवाद कहना चाहता हूं। साथ ही मैं अपने परिवार को उसके संयम और मेरी भावना को समझने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। सबसे बाद में और सबसे अधिक दिल से मैं अपने प्रशंसकों को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने लगातार अपनी दुआओं और हौसलाअफजाई से मुझे अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करनी की क्षमता और शक्ति प्रदान की।'
दो दशक से ज्यादा लंबे क्रिकेट करियर में सचिन की मुख्य उपलब्धियां
1989: 16 साल की उम्र में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करते हुए श्रीकांत की कप्तानी वाली टीम में छह पारियों में देश के लिये दो अर्धशतक बनाये।
1990: तेंदुलकर ने अपना पहला टेस्ट शतक (नाबाद 119) ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ जमाया।
1993: भारतीय सरजमीं अपना पहला टेस्ट शतक (163) तेंदुलकर ने चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया।
1994: सचिन ने अपना पहला वन डे शतक अपने 79वें मैच में कोलंबो में आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिंगर कप में बनाया।
1996: भारत पाकिस्तान की संयुक्त मेजबानी में हुए विश्व कप में सचिन ने दो शतक सहित 523 रन बनाये। इसी साल अजहरूद्दीन से कप्तानी भी तेंदुलकर के बाद दिल्ली में आस्ट्रेलिया के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में जीत दिलाई। तेंदुलकर की कप्तानी में ही भारत ने आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को हरा कर टाइटन कप जीता।
1997: टोरंटों में पाकिस्तान के खिलाफ सहारा कप में 4-1 से जीत दर्ज की। इसी साल सर्वश्रेष्ठ विजडन क्रिकेटर चुने गये।
1998: आस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 155 रन चेन्नई में बनाये जिससे भारत ने 179 रन से जीत दर्ज की।
2001: वन डे में दस हजार रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज बने।
2002: सचिन ने पोर्ट आफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 117 बना कर सर डान ब्रेडमैन के 29 टेस्ट शतक की बराबरी की और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 193 बना कर ब्रेडमैन के रिकार्ड को पार किया।
2003: आईसीसी विश्व कप के 11 मैचों में 673 बना कर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने।
2004: सुनील गावस्कर के 34 शतक के रिकार्ड की बराबरी करने वाले विश्व के पहले खिलाड़ी बने। 50 मैन आफ द मैच हासिल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने।
2005: टेस्ट क्रिकेट में 122वें मैच में दस हजार रन पूरे किये।
2006: वन डे में 14 हजार रन पूरे कर नया विश्व रिकार्ड बनाया। 40 वां शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ कुआलालम्पुर में पूरा किया।
2007: 400वां वन डे खेला।
2008: वनडे में 16 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। टेस्ट क्रिकेट में ब्रायन लारा के 11953 रन के रिकार्ड को पीछे छोड दिया।
2009: हैदराबाद में आट्रेलिया के खिलाफ 175 बनाये और 17हजार वन डे रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
2010: वन डे में दोहरा शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने और स्टीव वा के 168 टेस्ट खेलने के रिकार्ड को पार किया।
2011: विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ पहला मैच खेलने के साथ ही वह सबसे ज्यादा वन डे खेलने वाले खिलाडी बने और सनथ जयसूर्या के 444 मैचों के रिकार्ड को पीछे छोड़ा।
2011: विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। भारत के लिये विश्व कप में सबसे ज्यादा 482 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
2012: एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ 114 रन बना कर अपना सौवां शतक पूरा किया।
23 दिसंबर 2012: भारतीय क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की।
2013: टी20 चैंपियंस लीग के दौरान सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के सभी प्रारूपों में 50000 रन बनाने वाले दुनिया के 16वें और एशिया के पहले क्रिकेटर बन गये।
10 अक्टूबर 2013: सचिन तेंदुलकर का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान। 200वां टेस्ट उनके करियर का आखिरी मैच होगा।