कभी शाकाहारी थे केदार जाधव, चिकन खाना बन गया उनकी सफलता का राज
कटक। भारत और इंग्लैड के बीच हुए पहले एकदिवसीय मुकाबले में बीते रविवार को शतक बनाने वाले केदार जाधव को यह शक्ति कहां से मिली, इस बात का खुलासा हो गया है। पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता सुरेंद्र भावे ने बताया कि कैसे केदार जाधव ने एक शाकहारी होने के बाद अपनी पॉवर को और ज्यादा तेज किया।
उन्होंने बताया कि केदार जाधव का पूरा परिवार शाकाहारी है, पर उसने अपनी ताकत को और ज्यादा बढ़ाने के लिए चिकन खाया। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम करने वाले एक कर्मचारी के बेटे केदार जाधव ने चिकन खाने के बाद अपनी पॉवर को और ज्यादा बढ़ाया। पीटीआई से बातचीत करते हुए सुरेंद्र भावे ने हंसते हुए कहा कि आप इसका सारा क्रेडिट मुझे दे सकते हैं क्योंकि मैंने ही केदार चिकन बनाकर खिलाना शुरु किया था।
सुरेंद्र भावे ने कहा कि मैं उसके स्टारडम का क्रेडिट नहीं लेना चाहता हूं। मैं उसके कोच, बड़े भाई, मेंटर और गाइड की तरह हूं जो उसके कुछ मैसेज के जरिए बातचीत के बाद मिला था। वर्ष 2010-11 के दौरान मैंने उसे सलाह दी थी कि जिसे मानकर उसने अपने खेल में शानदार सुधार किया।
उन्होंने बताया कि पहली बार केदार जाधव को उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी में केरल के खिलाफ खेलते हुए देखा था। उस मैच में उसने केरल के खिलाफ 195 गेंदों में 262 रन बनाए थे। मैं उसी समय जान गया था कि वो स्पेशल है। उसकी बॉडी लैंगवेज बहुत ही कैजुअल थी और वो विरोधी टीम के खिलाफ पूरा मैच खत्म करना ही पसंद करता था। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात में जरा मात्र का संदेह है कि वो सभी फॉरमेट का प्लेयर है। उन्होंने कहा कि वो गेंदबाजी करके विकेट ले सकता है। उसकी विकेट कीपिंग भी बहुत ज्यादा अच्छी है। आईपीएल में वो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए विकेट कीपिंग कर चुका है जिसे सबने देखा है। उन्होंने बताया कि एक रणजी ट्रॉफी के मैच में केदार ने जिस तरह के शॉट जहीर खान की गेंद पर लगाए, यह देखना काफी सुखद था।
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