कटक। नाउ..सिंह इस बैक...यही हेडलाइन हैं ना आज हर अखबार और टीवी चैनल की.. और होनी भी चाहिए क्योंकि बरसों बाद टीम इंडिया का सिंह यानी युवराज पुरानी रंगत में वापस जो आ गया है। इंग्लैंड के खिलाफ गुरूवार को यहां के बाराबती स्टेडियम में जिस तरह से युवी ने अंग्रेजों की धुनाई की, उसने साबित कर दिया कि युवराज सिंह में अब भी वो ही जोश है, जो कि साल 2011 के विश्वकप के दौरान हुआ करता था, बस चाहिए था तो एक मौका, जो कि गुरूवार को मिला।
युवी ने ना केवल कटक में अपना बेस्ट स्कोर बनाया बल्कि टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका भी अदा की। इस मैच के लिए मैन ऑफ द मैच चुने जाने वाले युवराज सिंह ने अपनेे आतिशी पारी का सेहरा अपनी मां की दुआओं, अपने गुरू के आशीष, बीवी के प्यार (लेडी लक) और कप्तान कोहली के भरोसे के सिर बांधा, जिनके चलते गुरूवार को कटक में युवराज ने वो इतिहास रचा, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
अपने करियर का 14 वां शतक जड़ा
अपने करियर का 14 वां शतक जड़ने वाले युवराज सिंह ने जैसे ही 98 बॉल पर अपने 100 रन पूरे किए, उनकी आंखें खुशी, जोश और विश्वास से भर आईं, सेंचुरी लगाते ही युवी ने सबसे पहले भगवान का शुक्रिया अदा किया इसके बाद वे भावुक हो उठे।
कंधा देने के लिए पुरााने साथी महेंद्र सिंह धोनी
उस वक्त उन्हें अपना कंधा देने के लिए उनके पुराने साथी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे, जिन्होंने बड़े ही सादगी से युवी को उनके शतक पर बधाई देते हुए संभाला। बेशक ये पारी केवल युवी के लिए ही नहीं बल्कि हर क्रिकेट प्रेमी के लिए यादगार है, युवराज ने फिर से साबित कर दिया कि वो रीयल फाइटर हैं और दुआओं में काफी दम होता है।
युवराज ने बनाया सर्वश्रेष्ठ स्कोर
युवराज का यह 14 वां और इंग्लैंड के खिलाफ चौथा वनडे शतक था। उन्होंने 127 गेंदों में 150 रन की अपनी सर्वोच्च पारी में 21 चौके और तीन गगनचुंबी छक्के उड़ाए। युवराज ने इसके साथ ही अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी बना दिया। युवराज का इससे पहले सर्वश्रेष्ठ स्कोर 139 रन था जो उन्होंने जनवरी 2004 में सिडनी में आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। ये भी पढें: अंग्रेजों के सबसे बड़े दुश्मन हैं युवराज सिंह, सचिन को पीछे छोड़ा
An emotional moment for @YUVSTRONG12 as he brings up his 14th ODI ton #TeamIndia #INDvENG @Paytm pic.twitter.com/cX88vImx0v
— BCCI (@BCCI) January 19, 2017