इंग्लैंड के दल के प्रमुख एंड्र्यू फोस्टर ने बीबीसी को बताया कि खेल गाँव की स्थिति में भारी सुधार आया है. उल्लेखनीय है कि खेल गाँव की स्थिति पर देश-विदेश में राष्ट्रमंडल खेल गाँव की स्थिति की हुई भारी आलोचना हुई थी. बीबीसी को मिली खेल गाँव की एक्सक्लूसिव तस्वीरों ने वहाँ की ख़राब स्थिति को और उजागर किया था.
राष्ट्रमंडल खेलों के प्रमुख माइकल फ़ेनेल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात का समय माँगा है. दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गवर्वर तेजिंदर खन्ना ने बीबीसी से बातचीत में इशारे में कहा कि प्रोटोकॉल का ख़्याल रखते हुए प्रधानमंत्री के लिए माइकल फ़ेनेल को मिलने का समय देना संभव नहीं होगा.
तेजेंदर खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर से कहा है कि वो शुक्रवार को माइकल फ़ेनेल से मिलें और उन्हें तैयारियों के बारे में जानकारी दें.
आपात बैठक
इसके पहले गुरुवार शाम को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक आपातकाल बैठक की थी. बैठक में कुछ केंद्रीय मंत्रियों के अलावा इस खेल के आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
तेजिंदर खन्ना ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि '' प्रधानमंत्री को राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें सूचित किया गया कि खेल सुविधाओं और गांव को अपेक्षित मानक का तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.''
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने यकीन दिलाया कि मेहमानों की अगवानी और स्वागत भारत की आतिथ्य की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं के अनुसार किया जाएगा. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात थी कि आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी का बैठक में नहीं बुलाया गया जिससे इस बात की अटकलें लगाई जाने लगीं कि कहीं उन्हें दरकिनार तो नहीं किया जा रहा है.
सरगर्मी
भारतीय मीडिया में इस तरह की ख़बरें हैं कि प्रधानमंत्री सुरेश कलमाड़ी से काफ़ी नाराज़ हैं. ये बैठक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के खेल गाँव को गंदा और न रहने योग्य बताए जाने के बाद हुई.
इस बैठक में शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी, खेल मंत्री एमएस गिल, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तेजिंदर खन्ना,मुख्यमंत्री शीला दीक्षित,कैबिनेट सचिव चंद्रशेखर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और गृह सचिव जीके पिल्लै शामिल हुए थे.
दूसरी ओर गुरुवार को पूरे दिन खेल गाँव सरगर्मी छाई रही, कभी सुरेश कलमाड़ी तो कभी दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित खेल गाँव का चक्कर लगाती रहीं. इस बीच भारतीय एथलीटों का एक दल खेल गाँव पहुँच चुका है. सुरेश कलमाड़ी का दावा है कि भारतीय एथलीट वहाँ की व्यवस्था से खुश होंगे और कोई भी टीम राष्ट्रमंडल खेलों से नहीं हटेगी.