क्रिकेट खिलाडियों की नीलामी राष्ट्रीय शर्मःशरद
नई दिल्ली, 22 फरवरीः जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए हुयी क्रिकेट खिलाड़ियों की कल हुई नीलामी की कड़े शब्दो में निंदा करते हुएइसे "राष्ट्रीय शर्म" करार देते हुए सरकार से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अपने नियंत्रण में लेने की मांग कर डाली.
राज्यसभा सदस्य यादव ने यहां कहा कि क्रिकेट खिलाड़ियों की नीलामी न केवल मानवीय गरिमा के खिलाफ है बल्कि धन दौलत का फूहड़ प्रदर्शन भी है. सभ्य समाज को इसकी निंदा करनी ही चाहिए. गौरतलब है कि मुम्बई में आईपीएल टीमों के लिए बुधवार को खिलाड़ियों की करोड़ों में बोली लगायी गयी.
उन्होंने कहा कि अर्जुन पुरस्कार तथा पद्म पुरस्कार हासिल करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की खुले आम इस तरह नीलामी हो रही है. जिस तरह मेले में "जानवरों" को नीलाम किया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार इन खिलाड़ियों को कई तरह की सुविधाएं भी देती है और पैसे खर्च करती है. लेकिन अब बाजार ने पूरी तरह से इस खेल का अपहरण कर लिया है.
यादव ने कहा कि बीसीसीआई पैसे उगाहने की एक संस्था बन गयी है और वह कई तरह के षड्यंत्रों तथा खींचतान की शिकार भी बन गयी है. सरकार को चाहिए कि वह उसे फौरन अपने हाथ में ले ले और खेल मंत्रालय को उसका नियंत्रण सौंप दें.
उन्होंने कहा कि क्रिकेट के कारण ही फुटबाल, हाकी, कुश्ती, तैराकी और तीरंदाजी जैसे पारम्परिक खेल पिछड़ गए हैं. उन्होंने कहा कि बाजार की शक्तियां केवल क्रिकेट को आगे बढ़ाने में लगी है और मीडिया भी उसी का साथ दे रहा है.
राज्यसभा सदस्य यादव ने यहां कहा कि क्रिकेट खिलाड़ियों की नीलामी न केवल मानवीय गरिमा के खिलाफ है बल्कि धन दौलत का फूहड़ प्रदर्शन भी है. सभ्य समाज को इसकी निंदा करनी ही चाहिए. गौरतलब है कि मुम्बई में आईपीएल टीमों के लिए बुधवार को खिलाड़ियों की करोड़ों में बोली लगायी गयी.
उन्होंने कहा कि अर्जुन पुरस्कार तथा पद्म पुरस्कार हासिल करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की खुले आम इस तरह नीलामी हो रही है. जिस तरह मेले में "जानवरों" को नीलाम किया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार इन खिलाड़ियों को कई तरह की सुविधाएं भी देती है और पैसे खर्च करती है. लेकिन अब बाजार ने पूरी तरह से इस खेल का अपहरण कर लिया है.
यादव ने कहा कि बीसीसीआई पैसे उगाहने की एक संस्था बन गयी है और वह कई तरह के षड्यंत्रों तथा खींचतान की शिकार भी बन गयी है. सरकार को चाहिए कि वह उसे फौरन अपने हाथ में ले ले और खेल मंत्रालय को उसका नियंत्रण सौंप दें.
उन्होंने कहा कि क्रिकेट के कारण ही फुटबाल, हाकी, कुश्ती, तैराकी और तीरंदाजी जैसे पारम्परिक खेल पिछड़ गए हैं. उन्होंने कहा कि बाजार की शक्तियां केवल क्रिकेट को आगे बढ़ाने में लगी है और मीडिया भी उसी का साथ दे रहा है.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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