किट के लिए भारत-इंडीज मैच की कुर्सियां साफ कर रहे फुटबॉलर
इंदौर। हमारे देश में खेल कल्चर नहीं बल्कि क्रिकेट कल्चर ही डेवलेप हो पाया है। हर कोई क्रिकेट का दीवाना है। क्रिकेटरों के चौकों-छक्कों और विकेटों पर बड़ी-बड़ी कंपनियां और सरकार करोड़ों रुपए खर्च करने को उतारू रहती हैं। क्रिकेट की इस चकाचौंध में देश के बाकी खेल और इस खेल का हिस्सा लाखों युवाओं को न तो कोई प्रोत्साहन मिल रहा है और न ही पैसा। इतना ही नहीं उन्हें अपनी किट खरीदने तक के लाले पड़ रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा भारत और वेस्टइंडीज के बीच इंदौर में खेले जाने वाले मैच से पहले देखने को मिला।
यह मैच होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। स्टेडियम में पड़ी लगभग 18 हजारे कुर्सियों को साफ कराने के लिए स्टेडियम के अधिकारियों को कुछ लड़कों की जरूरत थी। अधिकारियों की यह जरूरत वहां खेलने वाले फुटबॉलर खिलाडि़यों ने पूरी की। दरअसल इन खिलाडि़यों को अपनी फुटबॉल किट खरीदने के लिए पैसों की जरूरत थी। जिसके लिए पैसा जुटाने के लिए इन लोगों ने स्टेडियम में पड़ी कुर्सियां साफ करने का फैसला किया। स्थानीय फुटबॉल क्लब आनंद-11 से जुड़े ये नौजवान खिलाड़ी हालांकि क्रिकेट मैच के लिये कुर्सियां साफ करने का काम पहली बार नहीं कर रहे हैं।
क्लब के कोच संजय निदान ने बताया हमारे खिलाडि़यों ने होलकर स्टेडियम में मई में खेले गये 2 आईपीएल-4 मैचों से पहले भी कुर्सियां साफ की थीं। हमारे काम की गुणवत्ता को देखते हुए हमें दूसरी बार स्टेडियम की कुर्सियां चमकाने का जिम्मा सौंपा गया है। निदान के मुताबिक स्थानीय फुटबॉलर एक निजी कम्पनी के लिये काम कर रहे हैं जिसे मध्यप्रदेश क्रिकेट संगठन ने होलकर स्टेडियम की करीब 18,000 कुर्सियां चमकाने का ठेका दिया है।
यह मैच होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। स्टेडियम में पड़ी लगभग 18 हजारे कुर्सियों को साफ कराने के लिए स्टेडियम के अधिकारियों को कुछ लड़कों की जरूरत थी। अधिकारियों की यह जरूरत वहां खेलने वाले फुटबॉलर खिलाडि़यों ने पूरी की। दरअसल इन खिलाडि़यों को अपनी फुटबॉल किट खरीदने के लिए पैसों की जरूरत थी। जिसके लिए पैसा जुटाने के लिए इन लोगों ने स्टेडियम में पड़ी कुर्सियां साफ करने का फैसला किया। स्थानीय फुटबॉल क्लब आनंद-11 से जुड़े ये नौजवान खिलाड़ी हालांकि क्रिकेट मैच के लिये कुर्सियां साफ करने का काम पहली बार नहीं कर रहे हैं।
क्लब के कोच संजय निदान ने बताया हमारे खिलाडि़यों ने होलकर स्टेडियम में मई में खेले गये 2 आईपीएल-4 मैचों से पहले भी कुर्सियां साफ की थीं। हमारे काम की गुणवत्ता को देखते हुए हमें दूसरी बार स्टेडियम की कुर्सियां चमकाने का जिम्मा सौंपा गया है। निदान के मुताबिक स्थानीय फुटबॉलर एक निजी कम्पनी के लिये काम कर रहे हैं जिसे मध्यप्रदेश क्रिकेट संगठन ने होलकर स्टेडियम की करीब 18,000 कुर्सियां चमकाने का ठेका दिया है।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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