डे-नाइट टेस्ट: शाम के बाद 'कमाल' दिखाती है पिंक बॉल, सचिन ने बताई इस गेंद की सबसे अहम बात

Day Night Test: Sachin Tendulkar told what is the most important thing while playing pink ball

नई दिल्ली: पिंक बॉल इस समय भारतीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा उत्सुकता पैदा करने वाली गेंद बनी हुई है। भारतीय खिलाड़ियों को इंदौर टेस्ट के दौरान अभ्यास सत्र में इसका स्वाद भी मिल चुका है और कप्तान कोहली का भी कहना है कि इस गेंद से खेलने में थोड़ी सतर्कता बरतनी पड़ेगी। इसी बीच सचिन तेंदुलकर ने भी इस गेंद से लेकर भारत के पहले डे-नाइट टेस्ट पर बात की है। हिंदुस्तान टाइम्स से की गई बातचीत के दौरान सचिन ने बताया है कि पिंक बॉल के साथ खेलते हुए किन-किन बातों पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है और क्या भारतीय खिलाड़ियों की इस गेंद से खेलने में अनुभवहीनता आड़े आएगी।

गुलाबी गेंद का सबसे अहम फैक्टर-

गुलाबी गेंद का सबसे अहम फैक्टर-

सचिन ने बताया कि जैसे-जैसे हालात बदलते हैं, आपको समझना होगा कि गुलाबी गेंद क्या करती है। उन्होंने कहा, "मैंने कुछ क्रिकेटरों से सुना है जिन्होंने गुलाबी गेंद से खेला है कि शाम के बाद, उन्हें गेंद को देखना मुश्किल होता है। मैं इसे थोड़ा अलग ढंग से देखता हूं, यह गेंद की सीम के बारे में है। उस रोशनी में सीम को देखना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या गुलाबी गेंद का सीम दिखाई दे रहा है या नहीं। अच्छे बल्लेबाज हमेशा कलाई, उंगलियां और सीम देख रहे होते हैं। तो सीम की स्थिति दिखाई देनी चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण कारक है।" गेंद की प्रकृति पर सचिन ने माना कि यह अधिक स्विंग कर सकती है।

'बना रहे गेंद-बल्ले के बीच संतुलन'

'बना रहे गेंद-बल्ले के बीच संतुलन'

इसके साथ ही सचिन का मानना है कि प्रयोगों की स्थिति क्रिकेट में चाहे जो भी रहे, गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'बल्ले और गेंद के बीच संतुलन होना चाहिए जिसके बिना क्रिकेट धीमा हो सकता है। एक टेस्ट का पहला सत्र महत्वपूर्ण बन जाता है। इसलिए बल्ले और गेंद के बीच संतुलन टेस्ट क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है, चाहे वह गुलाबी गेंद हो या लाल गेंद या सफेद गेंद।" इसके साथ ही सचिन ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप पर भी कहा कि दर्शकों को जोड़े रखने के लिए यह एक बुरी अवधारणा नहीं है। फैंस जानना चाहेंगे कि रैंकिंग चार्ट में कौन सबसे आगे है।" सचिन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में मौजूदा पीढ़ी का उत्साह बनाए रखना वास्तव में महत्वपूर्ण है।

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टेस्ट चैम्पियनशिप पॉइंट सिस्टम पर बोले-

टेस्ट चैम्पियनशिप पॉइंट सिस्टम पर बोले-

इस दौरान सचिन टेस्ट क्रिकेट के गिरते हुए स्तर पर और प्रतिस्पर्धा के जवाब बोले की यदि आप हाल के टेस्ट रिकॉर्डों को देखना शुरू करते हैं, तो आप कह सकते हैं कि खेल का स्तर गिरा है और हम इसे देख सकते हैं। इसके बारे में कुछ करने की जरूरत है। वहीं टेस्ट चैम्पियनशिप के अंक सिस्टम पर बात करते हुए सचिन ने कहा कि एक श्रृंखला जीतने से आपको कुछ निश्चित अंक (120) मिलते हैं। लेकिन कुछ ऐसी टीमें होंगी, जिनके साथ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाती है और तब यह अंक सिस्टम अलग तरह से काम करता है। सचिन ने कहा, 'यह उन टीमों पर निर्भर है जो पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलती हैं। अगर आप अच्छा क्रिकेट खेलते हैं, तो आप स्टैंड भरेंगे।

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Story first published: Thursday, November 14, 2019, 13:11 [IST]
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