क्रुणाल पांड्या से झगड़े के बाद इस खिलाड़ी ने छोड़ा बड़ौदा का साथ, इरफान पठान को आया गुस्सा

नई दिल्ली: ऑल राउंडर दीपक हुड्डा ने बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन से अपना पल्ला झाड़ लिया है। वह आने वाले डोमेस्टिक सीजन में बड़ौदा की ओर से नहीं खेलते दिखाई देंगे क्योंकि अब उनके राजस्थान की ओर से खेलने की उम्मीद है। आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेल चुके दीपक हुड्डा को बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन ने 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' भी जारी कर दिया है। इस सर्टिफिकेट का मतलब यह है कि कोई और राज्य एसोसिएशन हुड्डा को अपनी टीम में ले सकती है।

असल में हुड्डा और बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा था क्योंकि इस प्रतिभाशाली मध्यक्रम के बल्लेबाज को एसोसिएशन ने अपने बाकी सीजन से बैन कर दिया था।

'क्रुणाल-हुड्डा का मामला बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था'

'क्रुणाल-हुड्डा का मामला बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था'

बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) का कहना था कि दीपक हुड्डा ने टीम के बायो बबल का उल्लंघन किया था और उसके पहले हुड्डा और बड़ौदा की टीम के कप्तान क्रुणाल पांड्या के बीच विवाद हुआ। यह मामला जनवरी का है जब सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी शुरू होने वाली थी।

इस बारे में जानकारी देते हुए बीसीए के सचिव लेले ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "उन्होंने कुछ दिन पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी की मांग की थी और हमने कल उनको एनओसी दे दिया है। यह दुख की बात है कि उनको बड़ौदा छोड़ना पड़ा है और हम इसको नहीं रोक पाए। मुझे लगता है हुडा और क्रुणाल पांड्या का मामला और बेहतर तरीके से भी सुलझाया जा सकता था।"

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क्या था क्रुणाल और दीपक हु़ड्डा के बीच का मामला-

क्या था क्रुणाल और दीपक हु़ड्डा के बीच का मामला-

जब यह विवाद उठा तो खबरें आई थी दीपक हुड्डा को क्रुणाल पांड्या से काफी समस्याएं थी। उन्होंने कुणाल पांड्या पर दादागिरी करके उनकी प्रैक्टिस में दखल देने का आरोप लगाया था और इस बारे में हुड्डा ने बीसीए को एक पत्र भी लिखा था। दीपक हुड्डा पत्र में यही कह रहे हैं कि क्रुणाल पांड्या बड़ौदा की टीम में दबंगई कर रहे हैं और कप्तान होने के नाते खुद को टीम का सर्वेसर्वा मानते हैं, साथ ही कुणाल पांड्या ने उनसे बदतमीजी भी की। बताया तो यह भी गया कि क्रुणाल ने दीपक हुड्डा को गाली दी थी। यह मामला दीपक हुड्डा के पक्ष में नहीं सुलझा और उनको पूरे सत्र के लिए बैन कर दिया गया था क्योंकि क्रुणाल से झगड़े के बाद वह टीम का बायो बबल छोड़ कर चले गए थे।

दीपक हुड्डा 26 साल के आक्रामक बल्लेबाज हैं और ठीक-ठाक स्पिनर भी हैं और वे 2013 से बड़ौदा टीम का हिस्सा थे। उन्होंने बड़ौदा के लिए 46 फर्स्ट क्लास और 123 टी-20 मुकाबले खेले।

इरफान पठान ने जताई बीसीए के प्रति अपनी नाराजगी-

इरफान पठान ने जताई बीसीए के प्रति अपनी नाराजगी-

इस पूरे प्रकरण के बाद भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान काफी नाखुश नजर आए हैं। बड़ौदा के खुद कप्तान रह चुके इरफान पठान ने ट्वीट कर कर अपनी नाखुशी जाहिर की है जिसमें उन्होंने लिखा है, "ऐसी कितनी क्रिकेट एसोसिएशन हैं जो ऐसे खिलाड़ी को खो देंगी जिसकी संभावनाएं भारतीय टीम में खेलने की है? दीपक हुड्डा का बड़ौदा क्रिकेट को छोड़ना काफी बड़ा नुकसान है। वह आराम से 10 साल और यहां पर खेल सकते थे क्योंकि वे अभी भी युवा हैं। बड़ौदा का होने के नाते यह मेरे लिए बहुत ही दुर्भाग्य की बात है।"

दीपक हुड्डा को 2017 में श्रीलंका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज में लिया गया था हालांकि उनको खेलने का मौका नहीं मिल पाया।

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Story first published: Thursday, July 15, 2021, 16:15 [IST]
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