किसान के बेटे बरिंदर सरन की किस्मत एक अखबार के एड ने बदल दी
पर्थ। टीम इंडिया में पहली बार वनडे टीम का हिस्सा बनने वाले तेज गेंदबाज बरिंदर सरन के लिए पर्थ एक ऐतिहासिक पल बन गया। वाका के मैदान पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें टीम इंडिया की वनडे कैप सौंपी, साथ ही इस मौके पर साथी खिलाड़ियों ने जमकर उनका उत्साहवर्धन किया। 23 वर्षीय सरन पिछले छह वर्षों में खुद को बॉक्सिंग के मैदान से हटाकर क्रिकेट के मैदान पर लाने के लिए जमकर पसीना बहाया है। सरन के लिए यह काफी बडा मौका है कि उन्हें वनडे टीम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने का मौका मिला।

बॉक्सर बनने के लिए पहुंच थे बॉक्सिंग क्लब
सरन के पिता पेशे से एक किसान है और वह पंजाब के रहने वाले हैं। बॉक्सर बनने के लिए सरन ने पंजाब के भिवानी बॉक्सिंग क्लब का रुख किया। यह वही क्लब है जहां विजेंद्र सिंह ने अपने कैरियर को शीर्ष पर पहुंचाया था।

अखबार का एड देखकर पहुंच गये ट्रायल देने
सरन ने पहली बार जब आईपीएल टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन का एड देखा तो वह मोहाली में पंजाब की टीम के लिए ट्रायल देने पहुंच गये। हालांकि उन्हें टीम में जगह नहीं मिली लेकिन यहां से उनका कैरियर जरूर बदल गया।
|
आईसीसी से मिला बड़ा मौका
इसके बाद सरन ने गेटोरेट स्पीडस्टर प्रतियोगिता में जीत के साथ उन्हें 2011 में आईसीसी के दुबई अकादमी में ट्रेनिंग का मौका मिला। अक्टूबर 2011 में उन्हें सीनियर खिलाड़ियों के साथ पंजाब की टीम से खेलने का मौका मिला।

आईपीएल में बनायी जगह, द्रविड़ ने दिया मौका
वर्ष 2011 में ही उन्हें रणजी में भी खेलने का मौका मिला। लेकिन इसके बाद चोटिल होने की वजह से वह क्रिकेट से तीन साल तक दूर रहे। लेकिन इसके बाद एक बार फिर से सरन ट्रायल के लिए गये और इस बार उन्होंने मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के लिए ट्रायल दिया। राजस्थान रायल्स के कोच राहुल द्रविड़ ने उन्हें टीम में चयनित किया और उन्हें नीलामी में 10 लाख रुपए में राजस्थान की टीम में शामिल किया गया।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications