राष्ट्रमंडल खेल : पूनिया ने स्वर्ण पदक देशवासियों को समर्पित किया
नई दिल्ली। डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर सोमवार को इतिहास रचने वाली भारतीय महिला एथलीट कृष्णा पूनिया ने अपनी इस सफलता को देशवासियों को समर्पित किया है। 2006 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली पूनिया सहित भारत की तीनों महिला एथलीटों ने डिस्कस थ्रो में इतिहास रचते हुए हुए तीनों पदकों पर कजा किया। हरवंत कौर ने इस स्पर्धा का रजत जीता जबकि सीमा अंतिम को कांस्य पदक मिला।
भारतीय खिलाड़ियों ने भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की किसी एथलेटिक्स स्पर्धा में 52 साल बाद स्वर्ण पदक जिताया है। पूनिया ने जहां 61.51 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया वहीं हरवंत ने 60.16 मीटर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।सीमा ने 58.46 मीटर दूरी के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। वेल्स की फिलिप्स रोल्स 57.99 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में इससे पहले कभी भी भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही स्पर्धा के तीनों पदक नहीं जीते थे।
पदक जीतने के बाद इन खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया। उनकी इस सफलता पर स्टेडियम में मौजूद लगभग 50 हजार लोगों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।नेहरू स्टेडियम में और दिनों की तुलना में सोमवार को ज्यादा भीड़ जुटी। अपने घरेलू दर्शकों से मिली हौसलाअफजाई का फायदा उठाते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचने वाला प्रदर्शन किया।
स्वर्ण जीतने के बाद पूनिया ने कहा, "यह अद्भुत है। मैं अपने इस पदक को अपने देशवासियों को समर्पित करती हूं। खेलों से पहले हमारी जमकर आलोचना हुई लेकिन हमने सबकुछ भुलाकर शानदार एकता का परिचय दिया।"
इस अवसर पर हरवंत ने कहा कि वह अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं लेकिन इसके बावजूद वह बेहद खुश हैं। हरवंत ने कहा, "हम हमेशा साथ-साथ अभ्यास करते हैं। आज देश को पदक दिलाकर हमें गर्व महसूस हो रहा है।"
सीमा का मानना है कि अब जबकि भारत ने स्वर्ण से खाता खोला लिया है, उसके आठ से 10 पदक पाने की उम्मीद है। बकौल सीमा, "मैं बहुत खुश हूं। मेरा प्रदर्शन काबिले तारीफ नहीं रहा लेकिन लोगों की हौसलाअफजाई ने मुझे पदक जीतने की ताकत दे दी। हम एथलेटिक्स में आठ से 10 पदक पाने में सफल रहेंगे।"
भारतीय खिलाड़ियों ने भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की किसी एथलेटिक्स स्पर्धा में 52 साल बाद स्वर्ण पदक जिताया है। पूनिया ने जहां 61.51 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया वहीं हरवंत ने 60.16 मीटर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।सीमा ने 58.46 मीटर दूरी के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। वेल्स की फिलिप्स रोल्स 57.99 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में इससे पहले कभी भी भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही स्पर्धा के तीनों पदक नहीं जीते थे।
पदक जीतने के बाद इन खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया। उनकी इस सफलता पर स्टेडियम में मौजूद लगभग 50 हजार लोगों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।नेहरू स्टेडियम में और दिनों की तुलना में सोमवार को ज्यादा भीड़ जुटी। अपने घरेलू दर्शकों से मिली हौसलाअफजाई का फायदा उठाते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचने वाला प्रदर्शन किया।
स्वर्ण जीतने के बाद पूनिया ने कहा, "यह अद्भुत है। मैं अपने इस पदक को अपने देशवासियों को समर्पित करती हूं। खेलों से पहले हमारी जमकर आलोचना हुई लेकिन हमने सबकुछ भुलाकर शानदार एकता का परिचय दिया।"
इस अवसर पर हरवंत ने कहा कि वह अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं लेकिन इसके बावजूद वह बेहद खुश हैं। हरवंत ने कहा, "हम हमेशा साथ-साथ अभ्यास करते हैं। आज देश को पदक दिलाकर हमें गर्व महसूस हो रहा है।"
सीमा का मानना है कि अब जबकि भारत ने स्वर्ण से खाता खोला लिया है, उसके आठ से 10 पदक पाने की उम्मीद है। बकौल सीमा, "मैं बहुत खुश हूं। मेरा प्रदर्शन काबिले तारीफ नहीं रहा लेकिन लोगों की हौसलाअफजाई ने मुझे पदक जीतने की ताकत दे दी। हम एथलेटिक्स में आठ से 10 पदक पाने में सफल रहेंगे।"
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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