क्या गुलाबी गेंद से स्पिनरों को मिलेगा फायदा, जानिए क्या कहना है हरभजन सिंह का
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम 22 नवंबर को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा टेस्ट खेलने जा रही है, जो सीरीज का आखिरी टेस्ट भी रहेगा। इंदाैर में हुए पहले टेस्ट में भारत ने एक पारी और 130 रनों से जीत दर्ज की। लेकिन अब टीम के लिए दूसरा टेस्ट ऐतिहासिक होने वाला है, जो डे-नाइट टेस्ट होगा। टेस्ट इतिहास में भारतीय टीम पहली बार गुलाबी गेंद से खेलेगी। इस मैच को लेकर कई दिग्गजों ने अपनी राय दी। वहीं टर्बनेटर हरभजन सिंह ने भी गुलाबी गेंद से शुरू हो रहे इस टेस्ट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
महान स्पिन गेंदबाज रहे हरभजन ने गुलाबी गेंद से कलाई के स्पिनरों को उपयोगी बताया है। पीटीआई से बातचीत करते हुए है कि यदि आप देखते हैं तो कलाई के स्पिनरों को एक फायदा होगा क्योंकि गुलाबी गेंद के सीम को पहचान कर खेलना बहुत मुश्किल होगा। खैर, यह टीम प्रबंधन की कॉल है और मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन तब स्पिनरों के खेल में आने से पहले बांग्लादेश को सीमर फ्रेंडली ट्रैक पर भारतीय तेज गेंदबाजो को खेलना होगा।
हरभजन ने बाहर बैठे कुलदीप यादव का भी जिक्र किया। हरभजन सिंह ने कहा कि 3.30 से 4.30 बजे के बीच, कोलकाता में सूर्यास्त का समय है। जब तेज गेंदबाजो को अधिकतम विकेट लेने के लिए जाना जाता है. लेकिन अगर हम भविष्य में और अधिक डे-नाईट टेस्ट खेलना चाहते हैं तो हमें स्पिनरों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने की जरुरत है। हरभजन ने कहा कि अगर आपको दलीप ट्रॉफी याद है, तो कुलदीप को कोई भी उसकी कलाई से नहीं पढ़ पाया था। उस सीजन के दौरान लेग स्पिनरों को बहुत विकेट मिले थे। यदि आप फिंगर स्पिनर हो तो बल्लेबाज को सीम नजर आएगा लेकिन कलाई के स्पिनरों का सीम नजर नहीं आएगा।
टीम से लंबे समय से बाहर हरभजन ने श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की तारीफ करते हुए भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि इस गेंद से मुथैया मुरलीधरन जैसा गेंदबाज ही अच्छा कर सकता था। वो गुलाबी गेंद से भी उतने ही खतरनाक साबित होते, क्योंकि वो भी सीम छुपा कर गेंदबाजी करते थे। जिसके कारण वो डे-नाईट टेस्ट में भी बहुत प्रभावी होते।
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