
विराट को उकसाना पड़ सकता है भारी:
डू प्लेसिस ने कहा कि कोहली को उकसाना भारी पड़ता है। इसलिए इससे बचना चाहिए और विराट कोहली को उकसाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआत के साल में हमने यही ट्रिक आजमाई थी। जिसका फायदा मिला। डू प्लेसिस ने कहा, ‘हर टीम में एक-दो ऐसे खिलाड़ी होते हैं, जो उकसाने पर या किसी विवाद में घिरने पर और बेहतर खेलने लगते हैं। विराट कोहली भी उन्ही खिलाड़ियों में से हैं। हमने उनके खिलाफ चुप रहने की रणनीति अपनाई। इसके बाद भी विराट ने (47.66 की औसत से 286 रन से सीरीज के टॉप स्कोरर रहे। हालांकि हमने सीरीज 2-1 से जीत ली थी। डू प्लेसिस ने कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर कोहली को उकसाने की कोशिश करते हैं तो इससे विराट कोहली का प्रदर्शन और शानदार हो जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया के व्यावहार में आया सुधार!
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) की वेबसाइट की रिपोर्ट की मानें तो फाफ डू प्लेसिस ने का कहना है कि केपटाउन में हुए बॉल टैम्परिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के व्यवहार में परिवर्तन आया है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटरों ने केपटाउन टेस्ट में बॉल टैम्परिंग की थी। इसके बाद उसके तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, उप कप्तान डेविड वार्नर और ओपनर बैनक्रॉफ्ट पर बैन लगा दिया था। टीम के कोच डेरेन लेहमन को भी हटा दिया गया था।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने इसके बाद जांच समिति गठित की थी।जांच के बाद समिति का कहना था कि हर हाल में जीत के मसकद के साथ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने यह कदम उठाया था। इस घटना के बाद टीम के बर्ताव में काफी बदलाव आया है। ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के कप्तान टिम पेन ने लगातार स्लेजिग न करने साथ ही मैदान के अंदर और बाहर आक्रामकता को कम करने की बात कर रहे हैं

बदलाव से गुजर रही है टीम इंडिया:
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने कहा, ‘अगर आप पहले की सीरीज और इस सीरीज की तुलना करते हैं तो आप देखेंगे कि ऑस्ट्रेलिया टीम का मैदान पर व्यवहार बदल रहा है। पहले की सीरीज और हाल की सीरीज में टीम के खिलाड़ियों के बर्ताव में परिवर्तन आया है। मेरा मानना है कि यह वो बदलाव है जिससे ऑस्ट्रेलिया गुजर रही है और एक नई संस्कृति बना रही है।


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