'ड्रा' और 'जीत' की होगी लड़ाई
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को नागपुर में खेले जाने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में असली लड़ाई 'ड्रा' और 'जीत' के बीच होगी। भारतीय क्रिकेट टीम जहां इस मैच को ड्रा करके सीरीज जीत सकते हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया इस मैच को जीतकर सीरीज को ड्रा कर सकती है।
यानी धोनी की सेना का लक्ष्य ड्रा होगा, जबकि पॉन्टिंग ब्रिगेड का लक्ष्य मैच की जीत होगा। भारत सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही टीमों को अपने-अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अथक प्रयास करने पड़ेंगे।
सचिन-सहवाग पर जिम्मेदारी
क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक बॉर्डर-गवास्कर सीरीज का चौथा टेस्ट मैच भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की कमी भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।
फॉर्म में होने के कारण गंभी से अंतिम मैच में भी बड़े स्कोर की उम्मीदें थीं, लेकिन उनके मैदान से बाहर होने के कारण वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के कंधों पर बड़े स्कोर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अपने करियर का अंतिम टेस्ट खेलने जा रहे सौरव गांगुली चूंकि पहले से ही बहुत अच्छी फॉर्म में नहीं हैं, इसलिए मध्यमक्रम के बल्लेबाजों में टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर भी बड़े स्कोर की जिम्मेदारी होगी।
मुरली विजय से उम्मीदें
गंभीर की जगह तामिल नाडु के बल्लेबाज मुरली विजय को टीम में शामिल किया गया है। वही पारी की शुरुआत भी करेंगे। दायं हाथ के इस बल्लेबाज ने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
पचास से अधिक के औसत से खेलने वाले मुरली से टीम को काफी उम्मीदें हैं। यही नहीं गांगुली के संयास के समय मुरली अगर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें आगे भी टीम में जगह बनाने में आसानी हो सकती है।
गेंदबाजों पर निर्भर कंगारू
नागपुर टेस्ट मैच कंगारुओं के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। पिछली हार पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया द्वारा लताड़े जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम फिर से वो दिन नहीं देखना चाहेगी।
सीरीज को ड्रॉ करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को यह मैच जीतना होगा और यह जीत गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को छोटे स्कोर पर समेटना होगा, अन्यथा उनके लिये जीत आसान नहीं होगी।
ऐसे में खराब फॉर्म से गुजर रहे तेज गेंदबाज ब्रेट ली की जिम्मेदारी बढ़ गई है। कोटला टेस्ट के बाद ली ने मीडिया के सामने बयान दिया था कि वो भारतीय पिचों पर गेंद को स्विंग नहीं करा पा रहे हैं। ली की यह समस्या टीम के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। उधर माइक जॉनसन, क्लार्क और सीएल व्हाइट भी भारतीय पिचों पर बहुत अधिक सफल नहीं रहे हैं।
यानी धोनी की सेना का लक्ष्य ड्रा होगा, जबकि पॉन्टिंग ब्रिगेड का लक्ष्य मैच की जीत होगा। भारत सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही टीमों को अपने-अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अथक प्रयास करने पड़ेंगे।
सचिन-सहवाग पर जिम्मेदारी
क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक बॉर्डर-गवास्कर सीरीज का चौथा टेस्ट मैच भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की कमी भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।
फॉर्म में होने के कारण गंभी से अंतिम मैच में भी बड़े स्कोर की उम्मीदें थीं, लेकिन उनके मैदान से बाहर होने के कारण वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के कंधों पर बड़े स्कोर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अपने करियर का अंतिम टेस्ट खेलने जा रहे सौरव गांगुली चूंकि पहले से ही बहुत अच्छी फॉर्म में नहीं हैं, इसलिए मध्यमक्रम के बल्लेबाजों में टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर भी बड़े स्कोर की जिम्मेदारी होगी।
मुरली विजय से उम्मीदें
गंभीर की जगह तामिल नाडु के बल्लेबाज मुरली विजय को टीम में शामिल किया गया है। वही पारी की शुरुआत भी करेंगे। दायं हाथ के इस बल्लेबाज ने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
पचास से अधिक के औसत से खेलने वाले मुरली से टीम को काफी उम्मीदें हैं। यही नहीं गांगुली के संयास के समय मुरली अगर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें आगे भी टीम में जगह बनाने में आसानी हो सकती है।
गेंदबाजों पर निर्भर कंगारू
नागपुर टेस्ट मैच कंगारुओं के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। पिछली हार पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया द्वारा लताड़े जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम फिर से वो दिन नहीं देखना चाहेगी।
सीरीज को ड्रॉ करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को यह मैच जीतना होगा और यह जीत गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। ऑस्ट्रेलिया को मैच जीतने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को छोटे स्कोर पर समेटना होगा, अन्यथा उनके लिये जीत आसान नहीं होगी।
ऐसे में खराब फॉर्म से गुजर रहे तेज गेंदबाज ब्रेट ली की जिम्मेदारी बढ़ गई है। कोटला टेस्ट के बाद ली ने मीडिया के सामने बयान दिया था कि वो भारतीय पिचों पर गेंद को स्विंग नहीं करा पा रहे हैं। ली की यह समस्या टीम के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। उधर माइक जॉनसन, क्लार्क और सीएल व्हाइट भी भारतीय पिचों पर बहुत अधिक सफल नहीं रहे हैं।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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