गावस्कर की मानें तो टीम इंडिया ने इंग्लैंड को टक्कर देने का कोई जज्बा ही नहीं दिखाया। गावस्कर ने बीबीसी रेडियो के टेस्ट मैच स्पेशल में यह बातें कहीं।
गावस्कर ने टीम के प्रदर्शन पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, 'भारत ने कोई जज्बा नहीं दिखाया, खिलाड़ियों में कोई प्रतिबद्धता ही नहीं दिखी। वह आसानी से आउट हुए और बहुत अच्छी गेंदों पर आउट नहीं हुए। इंग्लैंड ने सिर्फ लगातार लय में गेंदबाजी की।'
क्रिकेट इतिहास के महानतम सलामी बल्लेबाजों में शामिल गावस्कर ने कहा, 'आप देख सकते हैं कि एक बार निराश होने के बाद उनमें संघर्ष करने का कोई जज्बा नजर नहीं आता।'
पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारूख इंजीनियर ने भी भारतीय टीम के रवैये पर नाराजगी और अफसोस जाहिर किया। उन्होंने भारतीय क्रिकेटरों की आलोचना करते हुए कहा, 'वे बिना किसी 'जुनून' के खेल रहे थे और उन्होंने संघर्ष करने के लिए कोई जज्बा नहीं दिखाया।'
उन्होंने 'भारी भरकम वेतन' पाने वाले कोच डंकन फ्लेचर को भी फटकार लगाई। इंजीनियर ने कहा, 'फ्लेचर ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टास जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने की सलाह नहीं दी।'
भारत चौथा टेस्ट पारी और 54 रन से गंवाने के बाद पांच मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पिछड़ रहा है। भारत के लिए 46 टेस्ट खेलने वाले इंजीनियर ने बीबीसी रेडियो फाइव से कहा, 'यह शर्मनाक है। भारत ने अपने पैर पर तभी
कुल्हाड़ी मार ली थी जब उन्होंने हरी पिच पर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था।' उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के पूर्व कोच फ्लेचर को धोनी को बल्लेबाजी की जगह पहले क्षेत्ररक्षण करने की सलाह देनी चाहिए थी।
इंजीनियर ने कहा, 'फ्लेचर को काफी भारी भरकम भुगतान किया जा रहा है। बेशक वह पिच को पढ़ सकते हैं और उन्हें धोनी को उसी के मुताबिक सलाह देनी चाहिए थी।'