'कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिये BCCI का यह नियम', रवि शास्त्री के समर्थन में उतरे मदन लाल

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज मदन लाल ने पूर्व हेड कोच और हरफनमौला खिलाड़ी रवि शास्त्री के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने लोढ़ा समिति की ओर से बनाये गये कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के नियम को रद्द करने की मांग की थी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच ने इस मामले पर अपनी राय देते हुए कहा था कि लोग इस नियम की वजह से बीसीसीआई और उससे जुड़े लोगों को बेवजह कानूनी पचड़ों में घसीटते हैं। शास्त्री ने अपने बयान में सचिन तेंदुलकर का जिक्र करते हुए कहा था कुछ चू** लोगों की वजह से उनके जैसा महान क्रिकेटर भारतीय क्रिकेट के थिंक टैंक में जुड़ने से घबराता है।

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शास्त्री के इस बयान को अब उनके पूर्व साथी और तेज गेंदबाज मदनलाल का समर्थन मिला है, जिनका मानना है कि वाकई में यह नियम बीसीसीआई के लिये सिरदर्द बन चुका है। उल्लेखनीय है कि इस नियम के तहत बीसीसीआई में कोई भी व्यक्ति एक साथ दो प्रशासनिक कार्यों में शामिल नहीं हो सकता है, अगर ऐसा होता है तो कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के तहत उसे कम से कम एक जगह छोड़नी पड़ेगी।

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शास्त्री के समर्थन में उतरे मदन लाल

शास्त्री के समर्थन में उतरे मदन लाल

कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के इस नियम के चलते पूर्व खिलाड़ी एक साथ दो रोल नहीं निभा सकते हैं। पिछले कुछ सालों में सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और विराट कोहली को इस नियम के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इस मामले पर बात करते हुए मदन लाल ने कहा कि बीसीसीआई को इस नियम को कचरे में फेंक देना चाहिये।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए मदन लाल ने कहा,'मैं पूरी तरह से रवि शास्त्री के विचारों से सहमत हूं। लोढ़ा कमिटी की ओर से बनाये गये दो नियम जिन्हों पूरी तरह से रद्द कर कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिये। इसमें से पहला है कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट जिसे बाहर कर देने से क्रिकेट में मीडियोक्रिटी बढ़ेगी और जो लोग ऑफिस तक सीमित रहते हैं उन तक पहुंचने में आसानी होगी। मेरे हिसाब से पूर्व क्रिकेटर्स को ऑफिस में पद भार संभालना चाहिये क्योंकि वो खेल और बोर्ड के अंदर मर्यादा लेकर आयेंगे।'

बीसीसीआई के इस नियम को भी बदलना चाहते हैं मदनलाल

बीसीसीआई के इस नियम को भी बदलना चाहते हैं मदनलाल

वहीं मदन लाल का मानना है कि बीसीसीआई में काम करने की आयु सीमा को भी बढ़ा देना चाहिये। उल्लेखनीय है कि लोढ़ा समिति के निर्देशानुसार बीसीसीआई में काम करने की उम्र को 65 किया गया है।

उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि बीसीसीआई में काम करने वाली की उम्र जिसे 60 से बढ़ाकर 65 किया गया है उसे 70 से भी ऊपर ले जाना चाहिये। क्रिकेटर्स फिट हैं और अपना कार्यभार संभाल सकते हैं। हमें बोर्ड में अच्छे लोगों की जरूरत है उनकी नहीं जिनसे बात भी करना मुश्किल हो। हमारे बोर्ड में हमेशा अच्छे लोग रहे हैं, जिन्होंने न सिर्फ खेल में अच्छा प्रदर्शन किया है बल्कि बीसीसीआई को अरबों डॉलर की इंडस्ट्री में तब्दील किया है।'

शास्त्री ने भी किया था कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का विरोध

शास्त्री ने भी किया था कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का विरोध

गौरतलब है कि रवि शास्त्री ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के नियम को पूरी तरह बकवास करार दिया था और कहा था कि इसका इस्तेमाल सिर्फ ध्यान खींचने के लिये किया जाता है।

उन्होंने कहा,'यह कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का किस्सा अब सिर से ऊपर जा चुका है। मैं इसके लिये कभी सहमत नहीं हो सकता। भारतीय टीम के लिये जो मसाज करता है वो आईपीएल की टीम के लिये काम नहीं कर सकता, यह पूरी तरह से बकवास है। इसे कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिये। मेरे लिये अगर मैं भारतीय टीम का कोच हूं तो मैं कॉमेंट्री नहीं कर सकता, मुझे समझ नहीं आता कि यह कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट कैसे है।'

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Story first published: Saturday, December 25, 2021, 17:11 [IST]
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