
चौथे दौर में पहुंचीं मारिया शारापोवा
महिला वर्ग में पूर्व चैंपियन मारिया शारापोवा ने भी चौथे दौर में प्रवेश कर लिया। मारिया ने हाल ही में फ्रेंच ओपेन का टाइटल भी जीता है।

बाहर हुईं सेरेना विलियम्स
पांच बार की चैंपियन और शीर्ष वरीयता प्राप्त सेरेना विलियम्स पर बारिश के कारण लंबे समय तक रुके मुकाबले का बड़ा असर दिखाई दिया. 25वीं वरीयता प्राप्त फ्रांस की एलिजे कॉर्नेट ने एक सेट से पिछड़ने के बाद सेरेना को 1-6, 6-3, 6-4 से हराया।

रद हुए कई मैच
सुबह से जारी बारिश के कारण शनिवार के मुकाबले प्रभावित हुए। स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे मुकाबले शुरू हुए। लेकिन 15 मिनट बाद फिर बारिश शुरू हो गई और बाहरी कोर्ट्स के अधिकतर मैच रद कर दिए गए।

इस बार भी चैंपियन बनने का सपना
गत चैंपियन एंडी मरे आसान जीत के साथ अगले दौर में पहुंच चुके हैं। उन्होंने रॉबर्टी बटिस्टा को एक घंटे 35 मिनट तक चले मुकाबले में 6-2, 6-3, 6-2 से पराजित किया।

सचिन तेंदुलकर और डेविड बेकहम भी रहे मौजूद
क्रिकेट के 'भगवान' सचिन तेंदुलकर और फुटबॉल के जादूगर डेविड बेकहम भी विंबलडन का लुत्फ उठाते नजर आए।

मिस नहीं करते हैं विबंलडन
क्रिकेट के अलावा टेनिस भी सचिन तेंदुलकर का पसंदीदा खेल है और वह कभी भी विंबलडन मिस नहीं करते हैं।

इंडो-पाक एक्सप्रेस भी मौजूद
भले ही भारत और पाक के बीच विवाद जारी हो लेकिन इंडो-पाक एक्सप्रेस पूरी शान से एक बार फिर विबंलडन में दौड़ रही है। विंबलडन में एक बार फिर से भारत के रोहन बोपान्ना और पाकिस्तान के असलम कुरैशी अपने बेहतरीन खेल के साथ डबल्स में अपना जलवा बिखेर रहे हैं।

विंबलडन में जीतने को उतरे रोजर फेडरर
रोजर फेडरर जिनके रैकेट की धूम फ्रेंच ओपन में उनके फैंस को देखने को नहीं मिली थी, ग्रास कोर्ट पर अपना जादू बिखेर रहे हैं। रोजर पिछले वर्ष हारकर बाहर हो गए थे लेकिन इस बार वह इस टूर्नामेंट को जीतने के मकसद से उतरे हैं।

चोट के बावजूद चैंपियन की तरह खेले
सर्बिया के नोवाक जोकोविच जो पिछले वर्ष विबंलडन के उपविजेता बने थे, तीसरे दौर में अपने कंधे की चोट से जूझते नजर आए। लेकिन इसके बावजूद जोकोविच चैपिंयन की तरह खेले और उन्होंने गिल्स सिमॉन को तीसरे दौर में हरा दिया।

इस बार जीत की उम्मीद
सानिया मिर्जा एक बार फिर से विंबलडन के डबल्स में देश के लिए टूर्नामेंट जीतने के इरादे से उतरी हैं। सभी भारतीयों की नजरें सानिया पर टिकी हुई हैं। गौरतलब है कि सानिया मिर्जा ने जब विंबलडन के जूनियर वर्ग में खिताब जीता था तो उसके बाद ही उन्हें देश और विदेश में सुर्खियां हासिल हुई थीं।

मैं ही बनूंगा चैंपियन
पिछले वर्ष खिताब से चूक गए तो क्या हुआ लेकिन इस बार क्ले कोर्ट के बादशाह और स्पेन के राफेल नडाल ने विंबलडन को जीतने के लिए अपना पूरा दम लगा दिया है।


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