बेंगलुरू। सुनकर हैरानी हुई ना लेकिन दोस्तों यही सच्चाई है कि आपके चहेते कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी क्रिकेट में आने से पहले कभी खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टर हुआ करते थे। यह खुलासा हुआ है पत्रकार और लेखक विश्वदीप घोष की किताब एमएसडी, द मैन, द लीडर' में।
आज जिस धोनी को दुनिया पागलों की तरह प्यार करती है और माही-माही कहते उसकी जुबान नहीं थकती, उसी धोनी को क्रिकेट के शौक और अभ्यास के लिए यह नौकरी करनी पड़ी थी।
सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले धोनी ने यह नौकरी सिर्फ इसलिए की थी ताकि वो अपना खर्चा उठा सके और साथ ही क्रिकेट भी खेल सके क्योंकि उस समय दक्षिण पूर्वोत्तर रेलवे (एसईआर) के तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक और क्रिकेट प्रेमी स्वर्गीय अनिमेश गांगुली को एक ऐसे ही व्यक्ति की तलाश थी जो क्रिकेट कलेक्टर के साथ-साथ एसईआर टीम का अहम हिस्सा बन सके और धोनी उस कसौटी पर खरे उतरे।
तब किसी ने नहीं सोचा था कि लंबे बालों वाला यह खिलाड़ी एक दिन अपनी कप्तानी में देश को विश्वविजेता बनायेगा। आज भी खडगपुर में धोनी के किस्से गूंजते और लोग उनकी ईमानदारी और क्रिकेट के प्रति प्रेम की बातें करते हैं और अपनों को उनके किस्से सुनाते हैं। धोनी के इस खुलासे पर हर कोई आश्चर्यचकित है फिलहाल अभी इस बात पर धोनी या उनके परिवार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।