कुछ अखबारों ने तो यह तक कह दिया है कि बिना सचिन के भारत का क्रिकेट दिवालिया और दरिद्र हो जायेगा, क्योंकि सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के केवल एक खिलाड़ी नहीं बल्कि एक ब्रांड का नाम है। उनके जाने से क्रिकेट के एक युग का अंत होगा जो कि पिछले 24 सालों से चल रहा था।
तो वहीं अखबारों ने उन्हें बतौर कप्तान एक असफल व्यक्ति करार दिया लेकिन कहा है कि क्रिकेट के हर फार्मेट में अव्वल रहने वाले सचिन के लिए यह कोई मायने नहीं रखता है। इसलिए इसमें कोई शक नहीं कि सचिन एक ग्रेट खिलाड़ी है, जिनकी प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है।
गौरतलब है कि अगले महीने वेस्टइंडीज के साथ होने वाली दो मैचों की श्रृंखला का दूसरा और अंतिम मैच सचिन के करियर का 200वां मैच होगा। इस मैच के साथ सचिन विदा लेंगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि क्रिकेट जगत से सचिन तेंदुलकर की तयशुदा विदाई मुम्बई में होगी क्योंकि वह अपने घरेलू मैदान पर 200वां टेस्ट खेलते हुए संन्यास लेंगे। कोलकाता और मुम्बई को इस टेस्ट मैच की मेजबानी मिलने की सम्भावना थी लेकिन सचिन ने अपना 200वां और अंतिम टेस्ट मुम्बई में खेलने का अनुरोध बीसीसीआई से किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। सचिन ने पत्र के माध्यम से यह अनुरोध किया था।