पश्चिम बंगाल क्रिकेट संघ ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को सोने का बल्ला देकर सम्मानित किया. इस दौरान गांगुली ने मुश्किल दिनों को याद किया.
पश्चिम बंगाल के खेलमंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने उन्हें 25 लाख रुपए लागत वाला ये बल्ला सौंपा. सुभाष चक्रवर्ती ने उन्हें ध्रुव तारा बताया और उनकी तुलना अर्जुन से की जो विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करता रहता है.
बंगाल क्रिकेट संघ के प्रमुख जगमोहन डालमिया ने कहा कि क्रिकेट में सौरव का मूल्यवान योगदान रहा है. उनका कहना था कि सौरभ को भारतीय क्रिकेट को संकट से उबारने वाले क्रिकेटर के रूप में याद रखा जाएगा.
मैंने अपना अंतिम मैच पश्चिम बंगाल के क्रिकेटर के तौर पर खेला, वो मेरे लिए गौरवपूर्ण क्षण था सौरभ गांगुली
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भारतीय क्रिकेट के सबसे सफलतम कप्तान गांगुली ने वर्ष 2005 के मुश्किल दिनों को भी याद किया जब कोच ग्रेग चैपल के साथ मतभेद के कारण उन्हें लगातार टीम से बाहर रखा गया.
सौरव गांगुली ने कहा कि सचिन तेंदुलकर को छोड़कर प्रत्येक भारतीय क्रिकेटर को टीम से बाहर होने के लिए तैयार रहना चाहिए.
उन्होंने हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग को बुरे वक्त का शानदार साथी क़रार दिया. गांगुली ने कहा कि उन्होंने अपना अंतिम मैच बंगाल के क्रिकेटर के तौर पर खेला जो उनके लिए गौरवपूर्ण क्षण था.
समारोह के दौरान एक बड़े स्क्रीन पर सौरव गांगुली पर आधारित 15 मिनट का वृत्तचित्र भी दिखाया गया. उल्लेखनीय है कि सौरभ गांगुली ने पिछले साल नवंबर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.