गौतम गंभीर ने बताए उन 3 युवा विकेटकीपर के नाम जो ले सकते हैं धोनी की जगह

gambhir

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर को लगता है कि 2023 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अब युवाओं को तैयार करने का सही समय है। विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की अफवाहों के बीच गंभीर ने अपनी राय व्यक्त की। गंभीर ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा, "भविष्य पर ध्यान देना जरूरी है और जब धोनी कप्तान थे, तो उन्होंने भविष्य में निवेश किया था। मुझे धोनी का ऑस्ट्रेलिया में ये कहना याद है कि मैं, सचिन और सहवाग सीबी सीरीज में एक साथ नहीं खेलेंगे क्योंकि वहां मैदान बड़े थे।" उन्होंने विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों की कामना की।

ये 3 विकेटकीपर ले सकते हैं धोनी की जगह

ये 3 विकेटकीपर ले सकते हैं धोनी की जगह

37 साल के गंभीर ने उन तीन विकेटकीपरों के नाम भी बताए जो धोनी की जगह ले सकते हैं। गंभीर ने संजू सैमसन का भी जिक्र किया जो विकेटकीपिंग के साथ-साथ नंबर 4 की समस्या भी हल कर सकते हैं। गंभीर ने कहा, "यह नौजवानों को तैयार करने का समय है। चाहे ऋषभ पंत हों, संजू सैमसन हों, ईशान किशन हों या कोई और विकेटकीपर, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्हें विकेट कीपर बनाया जाना चाहिए। उसे डेढ़ साल के लिए मौका दें और अगर वह प्रदर्शन नहीं करता है, तो दूसरों को भी बाहर करने की कोशिश की जानी चाहिए। फिर किसी को पता चलेगा कि अगले विश्व कप के लिए बेहतर विकेटकीपर कौन है।"

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अलग है सहवाग की राय

अलग है सहवाग की राय

हालांकि, उनके ओपनिंग पार्टनर वीरेंद्र सहवाग की राय अलग थी। उन्होंने कहा, 'एमएस धोनी को यह तय करना चाहिए कि वह संन्यास कब लें। चयनकर्ताओं का काम यह है कि वह धोनी से बात करें और उन्हें बताएं कि वह अब धोनी को आगे मौके नहीं दे सकते।" सहवाग ने कहा कि काश चयनकर्ताओं ने मुझ से भी मेरी रणनीति के बारे में पूछा होता तो मैं भी उन्हें बता पाता।

सफलता का श्रेय सिर्फ धोनी को नहीं

सफलता का श्रेय सिर्फ धोनी को नहीं

गंभीर ने यह भी बताया कि क्यों धोनी को ही नहीं सभी सफलता के लिए श्रेय दिया जाना चाहिए। उनका मानना ​​है कि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ अपने कार्यकाल के दौरान भी प्रभावशाली थे। उन्होंने कहा, 'अगर आप आंकड़े देखें तो वह (धोनी) सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अन्य कप्तानों ने बुरी तरह से किया है। सौरव गांगुली की अच्छी कप्तानी में हम बाहर जीते हैं। विराट कोहली की कप्तानी में, हमने दक्षिण अफ्रीका में एकदिवसीय श्रृंखला और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला जीती है। यह सच है कि एमएस धोनी ने हमें दो विश्व कप (2007 और 2011) जीते हैं लेकिन सफलता के लिए कप्तान को सारा श्रेय देना उचित नहीं। धोनी चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप जीत चुके हैं लेकिन अन्य कप्तानों ने भी भारत को आगे बढ़ाया है। अनिल कुंबले जैसे कप्तानों ने हालांकि लंबे समय तक काम नहीं किया है। राहुल द्रविड़ ने भारत को इंग्लैंड में जीतने के लिए प्रेरित किया।'' बता दें कि धोनी की कप्तानी मेंभारत ने 200 एकदिवसीय मैचों में से 110 जीते, 60 टेस्ट मैचों में से 27 और 72 टी 20 आई में से 41 जीते।

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Story first published: Friday, July 19, 2019, 11:39 [IST]
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