मेलबर्न। विश्वकप के क्वार्टर फाइनल मैच के पहले दो मैचों के बाद फाइनल की तस्वीर लगभग साफ होने लगी है। 29 मार्च को मेलबर्न में विश्वकप का फाइनल मुकाबला होगा। लेकिन अगर आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो मेलबर्न में होने वाला मुकाबला एकतरफा होने की उम्मीद है।
इंग्लैंड आखिरी टीम है जिसने 1992 में मेलबर्न के मैदान पर दुबारा बैटिंग करते हुए जीत हासिल की थी। लेकिन 1992 के बाद से एमसीजी पर जिस भी टीम ने टीम ने टॉस जीता मैच भी उसी ने जीता है। इस मैदान पर हर टीम ने टॉस जीतने के बाद बिना सोचे बैटिंग का फैसला लिया है।
इस विश्वकप में मेलबर्न के मैदान पर हर बार टॉस जीतने वाली टीम ने विरोधी टीम को भारी अंतर से हराया है। ऐसे में इस बार का विश्वकप फाइनल मेलबर्न के मैदान पर खेला जाना है। तो जिस टीम ने भी टॉस जीता वह मैच बहुत आसानी से जीतती दिख रही है।
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले विश्वकप से अगर आप काफी मनोरंजन की उम्मीद लगाये बैठे हैं तो आपको निराशा हाथ लग सकती है। 1992 विश्वकप से हर बार का यह रिकॉर्ड रहा है कि फाइनल मैच में जिस भी टीम ने पहले बल्लेबाजी की है वह विजयी रही है। यही नहीं पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने हमेशा मैच को बहुत ही आसानी से जीता है।
1992 विश्वकप के फाइनल में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 22 रनों से हराकर विश्वकप अपने नाम किया था। हालांकि इस विश्वकप में सिर्फ तीन ही ऐसे मैच हुए जिनमें दुबारा बैटिंग करने वाली टीम को जीत हासिल हुई थी। इंग्लैंड को दो बार जबकि वेस्ट इंडीज को एक बार दुबारा बैटिंग करते हुए जीत हासिल हुई थी।