
धोनी ने की थी पहले टी-20 में 'धीमी' बैटिंग-
अक्सर अपनी धीमी बल्लेबाजी के कारण फैंस के निशाने पर रहने वाले धोनी का बचाव ऑस्ट्रेलिया के तूफानी बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने किया है। मैक्सवेल ने कहा की धोनी का स्ट्राइक रेट इतना खराब नहीं था क्योंकि तब किसी भी बल्लेबाज के लिए परिस्थितियां खराब थी। बता दें कि भारतीय बैटिंग पारी के आखिरी तीन ओवर में धोनी ने आठ बार एक रन लेने से मना कर दिया था और इस दौरान उनके बल्ले से भी केवल 17 रन आए। यहीं नहीं उन्होंने केवल एक ही छक्का इस दौरान लगाया।

धोनी की बैटिंग पर बात-
मैक्सवेल ने कहा, 'धोनी निश्चित तौर पर एक विश्व स्तरीय फिनिशर हैं तब भी उनको बीच के ओवर में गेंद हिट करने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए मुझे लगता है कि धोनी का खुद को स्ट्राइक पर रखने का फैसला सही था। उन्होंने आखिरी ओवर में छक्का लगाया। तब भी उस ओवर में 7 ही रन बने। आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं यह कितना मुश्किल था।' हालांकि मैक्सवेल ने यह भी कहा कि अगर आप धोनी जैसे खिलाड़ी को अंतिम ओवर में केवल एक छक्के तक ही सीमित रखते हैं तो यह बड़ा प्रयास है।
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पहले टी-20 के हीरो रहे थे मैक्सवेल-
बता दें कि इस मैच में लोकेश राहुल को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज ज्यादा टिककर नहीं खेल सका। पूरी भारतीय टीम 126 रन ही बना सकी। जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से किए गए सफल लक्ष्य के पीछे में मैक्सवेल ने 56 रनों की पारी खेलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक समय आसानी से जीत की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलिया की टीम को 19वें ओवर में जसप्रीत बुमराह ने दो जबदस्त झटके दिए थे। लेकिन उमेश यादव के 20वें ओवर में परिस्थितियां पूरी तरह कंगारूओं के पक्ष में हो गई और ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच तीन विकेट से जीत लिया।


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