नई दिल्ली: यह जगजाहिर कि भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और ग्रेग चैपल के बीच अच्छे संबंध नहीं थे। वर्तमान BCCI अध्यक्ष ने अपनी कप्तानी खो दी थी जब चैपल भारत के मुख्य कोच थे और उनको टीम से बाहर होने का भी दौर देखना पड़ा। इससे भी बुरी बात यह थी कि चैपल का ईमेल जो बीसीसीआई को गांगुली के बारे में शिकायत करने के लिए भेजा गया था, वह लीक हो गया।
लेकिन गांगुली एकमात्र ऐसे व्यक्ति नहीं थे जिनके पास पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को लेकर मुद्दे थे। भारत के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने बुधवार को चैपल के युग को भारतीय क्रिकेट के सबसे बुरे दिनों में करार दिया।
हिंदुस्तान टाइम्स के एक लेख का जवाब देते हुए भज्जी ने कहा कि चैपल एक अलग ही गेम खेलते थे। वह हर खिलाड़ी को बाहर करने के मूड में रहते थे। हरभजन ने इस दौरान जो हैश टैग इस्तेमाल किया वह चैपल के दौर को भारतीय क्रिकेट के सबसे खराब दिनों में बताने के लिए काफी है। मई 2005 में भारत के मुख्य कोच बने चैपल ने 2007 में पद छोड़ दिया। चैपल ने अपने अचानक इस्तीफे की घोषणा करने के लिए अप्रैल 2007 को बीसीसीआई को एक ईमेल भेजा था।
He asked Dhoni to play along the ground coz coach was hitting everyone out the park.. He was playing different games 😜#worstdaysofindiancricketundergreg 😡😡😡 https://t.co/WcnnZbHqSx
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) May 13, 2020
चैपल के तहत भारत एकदिवसीय विश्व कप 2007 के ग्रुप चरणों से बाहर हो गया था, लेकिन उस समय लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे अधिक वनडे जीतने का रिकॉर्ड भी टीम इंडिया के ही पास था। इससे पहले चैपल ने कहा कि एम.एस. धोनी अब तक के सबसे शक्तिशाली बल्लेबाज हैं।
चैपल 2005 और 2007 के बीच दो विवादित वर्षों के लिए भारतीय टीम के कोच थे, जिसमें वे टीम के कई वरिष्ठ सदस्यों, विशेषकर तत्कालीन कप्तान सौरभ गांगुली से भिड़ गए। उनका समय, हालांकि, धौनी और सुरेश रैना सहित कई युवा खिलाड़ियों के उदय के लिए भी जाना जाता था।