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धोनी के लिए हरभजन सिंह ने उठाई आवाज, क्या विचार करेगा टीम मैनेजमेंट?

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने आगामी विश्व कप को लेकर अपने कई विचार सबके सामने रखे। उन्होंने पीटाआई को दिए इंटरव्यू के दाैरान विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के लिए भी विशेष आवाज उठाई है। धोनी के लिए यह आखिरी विश्व कप साबित होगा, ऐसे में उनके प्रदर्शन पर भी सबकी निगाहें रहने वाली हैं। ऐसे में हरभजन ने टीम मैनेजमेंट से उम्मीद जताई है कि धोनी को अपनी मर्जी के मुताबिक खेलने की छूट दी जाए। उन्हें लगता है कि धोनी में अभी भी वो ताकत है जिसके दम पर मैच बदला जा सकता है लेकिन इसके लिए उनपर बना दवाब हटाना चाहिए और मध्यक्रम में खुला खेलने की अनुमति देनी चाहिए।

नहीं लगानी चाहिए कोई पाबंदी

नहीं लगानी चाहिए कोई पाबंदी

हरभजन ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तभी करते हैं जब वह शुरू से गेंद को हिट करते हैं। उनके करियर की कुछ सर्वश्रेष्ठ पारियां तब बनी हैं जब उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मुझे लगता है कि टीम प्रबंधन को उन्हें और हार्दिक पंड्या को उनके मन मुताबिक बल्लेबाजी करने की छूट देनी चाहिए। इनपर कोई पांबदी नहीं लगानी चाहिए।' उन्होंने आगे कहा है कि धोनी के पास करारे शॉट मारने की कला अब भी बरकरार है और भारतीय टीम प्रबंधन को विश्व कप के दौरान उन्हें शुरू से ही आक्रमण करने के लिए जरूर उतारना चाहिए।

धोनी के छक्कों में जान है

धोनी के छक्कों में जान है

जब उनसे पूछा गया कि जब मध्य ओवरों में स्पिनर जैसे मिचेल सैंटनर या नाथन लॉयन गेंदबाजी करेंगे तो क्या खेल में परिवर्तन कर पाएंगे धोनी तो हरभजन ने कहा कि मैं यही कहना चाहता हूं। धोनी किसी भी स्पिनर की दूसरी गेंद पर छक्का जड़ देते हैं। उसे ऐसा करना चाहिए और वह ऐसा कर भी सकते हैं क्योंकि मैंने चेन्नई सुपरकिंग्स के अभ्यास सत्र को दैरान नेट्स पर बल्लेबाजी करते देखा है। उसके छक्कों में बहुत जान है। खैर, हरभजन उन्हें खुला खेलते हुए देखना चाहते हैं। अब देखना यह है कि क्या टीम मैनेजमेंट धोनी को बेखाैफ होकर खेलने की इजाजत देता है या नहीं।

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पीटरसन की तरह डराते हैं धोनी

पीटरसन की तरह डराते हैं धोनी

हरभजन ने धोनी की ताकत का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि मैं गेंदबाज का दिमाग पढ़ सकता हूं। अगर मैं केविन पीटरसन या इयान बेल के सामने ओवर कर रहा हूं तो मैं इयान की बजाय पीटरसन के लिए ज्‍यादा चिंतित रहूंगा। क्‍योंकि मैं पीटरसन को दो डॉट बॉल खिला सकता हूं, लेकिन वह मेरी अगली गेंदों पर बड़े शॉट लगा सकते हैं। जबकि, इयान एक एक रन के लिए खेलने की कोशिश करते हैं। धोनी भी पीटरसन की तरह ही गेंदबाजों को डराते हैं। उनका आक्रामक रुख ऐसा ही है। बता दें कि विश्व कप की शुरूआत इंग्लैंड एंड वेल्स में 30 मई से होनी है जिसका फाइनल मुकाबला 14 जुलाई को होगा। भारत का पहला मैच 5 जून को साउथ अफ्रीका के खिलाफ है।

Story first published: Saturday, May 18, 2019, 16:35 [IST]
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