हार्दिक पांड्या ने गार्ड की मदद करके जीता दिल, कोहली के शॉट से हुआ था घायल

नई दिल्ली: सोमवार को वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय टीम के प्रशिक्षण सत्र के दौरान हार्दिक पांड्या की मौजूदगी ने कई लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। पांड्या की चोट के बाद यह टीम के साथियों के बीच लंबी वापसी हुई है और उनको पीट की सर्जरी के बाद पूरी तरह से ठीक होने में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया है। पांड्या को भारत ए टीम के साथ न्यूजीलैंड के दौरे पर जाना था लेकिन वे अनिवार्य फिटनेस टेस्ट पास करने में नाकाम रहे जिसके चलते उनको दौरे पर नहीं भेजा गया और विजय शंकर को जाने का मौका मिल गया।

कोहली के शॉट से घायल हुए गार्ड की मदद-

कोहली के शॉट से घायल हुए गार्ड की मदद-

पांड्या अब भारतीय टीम के साथ अभ्यास सत्र के दौरान ट्रेनिंग करते हुए दिखाई दिए। यह ठीक वैसा ही है जैसे की बुमराह ने किया था। अच्छी बात यह रही कि पांड्या ने नेट पर पूरी ताकत झोंकते हुए गेंदबाजी की और उन्होंने वैसी ही उर्जा फील्डिंग के दौरान दिखाई। बाद में, उन्होंने एक घायल सुरक्षा गार्ड की मदद करके दिल भी जीत लिया। टाटा छोर पर बाउंड्री लाइन पर तैनात 21 साल के अरफद कुरैशी की छाती पर उस समय चोट लग गई, जब विराट कोहली ने एक शॉट खेला।

हार्दिक ने जीता दिल-

हार्दिक ने जीता दिल-

शॉट का प्रभाव ऐसा था कि कुरैशी जमीन पर गिर गए। घटना का गवाह बने पांड्या तुरंत कुरैशी के पास गए और उन्हें पानी पिलाया। फिर वह उसे लेकर मेडिकल रूम में गया, जहाँ गार्ड का कुछ उपचार किया गया। कुरैशी ने मिड-डे को बताया, "मुझे इतना दर्द हुआ कि मुझे पता ही नहीं चला कि यह हार्दिक भाई ही थे जो मेरी मदद करने आए थे। वह इतने दयालु थे।"

पिता की बीमारी के दौरान प्रार्थना करने वालों का स्टोक्स ने ऐसे अदा किया शुक्रिया

टीम इंडिया की 'आउट ऑफ बॉक्स' ट्रेनिंग ड्रिल

टीम इंडिया की 'आउट ऑफ बॉक्स' ट्रेनिंग ड्रिल

भारत के ताकत और कंडीशनिंग कोच निक वेब अक्सर एक प्रशिक्षण सत्र से पहले खिलाड़ियों केवार्म-अप के लिए कुछ हटकर ट्रेनिंग तकनीक लेकर आते रहते हैं। सोमवार को, न्यूज़ीलैंड के पूर्व रग्बी टीम ट्रेनर वेब ने विराट कोहली एंड कंपनी को एक टीम के अभ्यास के भाग के रूप बीयर क्रॉल और स्प्रिंट कराया। खिलाड़ियों को एक जर्सी नंबर को चुनने और फिर उस जर्सी को पहने क्रिकेटर को गले लगाने के लिए कहा गया था। इसके बाद उनको एक तरफ कतार बनानी थी, नीचे झुकना था हर खिलाड़ी को बीच में रेंगते हुए जाना था, जबकि उनके साथियों को उन्हें रोकने का प्रयास करना था।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

 

क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

Story first published: Tuesday, January 14, 2020, 15:10 [IST]
Other articles published on Jan 14, 2020
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X