
धोनी के दिल की बात उनकी परछाई को भी नहीं पता
क्रिकबज से बात करते हुए मशहूर क्रिकेट कॉमेंटेटर और खेल विशेषज्ञ हर्षा भोगले ने कहा कि यह जानना बिल्कुल असंभव है कि आखिरकार भारतीय टीम का यह पूर्व कप्तान क्या सोच रहा है।
उन्होंने कहा,' धोनी के दिमाग में क्या चल रहा है, इसे जान पाना बिल्कुल नामुमकिन है। उनकी सोच का तो उनकी परछाई तक को भी पता नहीं चल पाता, वह इस कदर चीजें अपने तक सीमित रखते हैं।'

धोनी को जाने के लिये नहीं है ग्रैंड स्टैंड की दरकार
हर्षा भोगले का मानना है कि उनके दिल की आवाज कहती है कि अब धोनी नीली जर्सी में दोबारा नजर नहीं आयेंगे।
उन्होंने कहा,' यह मेरे दिल की आवाज है, मैंने तब भी कहा था जब उन्होंने कप्तानी को अलविदा कहा था और जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था, कि धोनी को किसी ग्रैंड स्टैंड की जरूरत नहीं है, उन्हें जब क्रिकेट को अलविदा कहना होगा आपको पता भी नहीं चलेगा कि वो कब चले गये। मुझे लगता है कि उनकी भारत के लिये खेलने की इच्छा अब समाप्त हो चुकी है। आप ऐसा मत सोचिये कि धोनी सितंबर-अक्टूर या अक्टूबर-नवंबर में आईसीसी टी20 विश्व कप का इंतजार कर रहे हैं। हो सकता है कि अगर उनका आईपीएल शानदार रहे तो शायद वह खेलें, लेकिन मेरे दिल की आवाज कहती है ऐसा नहीं होगा।'

भारत के लिये अब और नहीं खेलना चाहते धोनी
भोगले ने आगे कहा कि ऐसा नहीं है कि धोनी कि क्रिकेट खेलने की इच्छा समाप्त हो गई है, वह अभी भी अपनी फैंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स के लिये आईपीएल में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा,' मुझे लगता है कि धोनी अब भी सीएसके के लिये जुनून के साथ खेलना चाहते हैं। ऐसा महसूस करने का एक बड़ा कारण है पिछले साल धोनी से मेरी बातचीत। पिछले आईपीएल में लीग के आखिरी पड़ाव के दौरान मुझे कई मैचों में प्रजेंटेशन करने का मौका मिला। इस दौरान धोनी जो कि अक्सर प्रेजेंटेशन से कतराते हैं वह लगातार मीडिया को संबोधित करते नजर आये और 3-4 मिनट बात करने वाला यह खिलाड़ी अचानक से 7-8 मिनट तक बोलने लगा। जब मैनें उनसे पूछा कि सीएसके फैन्स की ओर से थाला कहा जाना कैसा महसूस होता है तो उन्होंने कहा कि इस बारे में सोचकर ही बड़ा गर्व महसूस होता है। यह इन लोगों को प्यार और उदारता ही है जिसने मुझे यहां खड़ा किया। मैं बस उन्हें वही वापस करना चाहता हूं।


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