हाशिम अमला: एक ऐसा शानदार खिलाड़ी जो अपने उसूलों पर अड़ा रहा

Hashim Amla

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से खेलने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों में हाशिम अमला एक ऐसा नाम है जिसने दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट को एक ऊंचाई दी है। इस बात का प्रमाण उनका रिकॉर्ड भी बता रहा है। इस अफ्रीकी बल्लेबाज के नाम वनडे में सबसे तेज 2 हजार, 3 हजार, 4 हजार, 5 हजार, 6 हजार, 7 हजार रन पूरे करने का कीर्तिमान है। इतना ही नहीं अमला दुनिया के उन 5 खिलाड़ियों में भी शामिल हैं, जिन्होंने वनडे और टेस्ट दोनों में 25 या उससे ज्यादा शतक लगाए हैं। अमला ही दक्षिण अफ्रीका की ओर से टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज भी हैं। इतना ही नहीं, अमला के नाम पर दक्षिण अफ्रीका की तरफ से किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप करने का रिकॉर्ड भी है। अक्टूबर 2017 में उन्होंने क्विंटन डिकॉक के साथ मिलकर बांग्लादेश के खिलाफ हुए वनडे में 282* रन जोड़े थे।

हाशिम अमला

हाशिम अमला

हाशिम अमला का यह रिकॉर्ड यह बताता है की अमला किस स्तर के खिलाड़ी हैं और दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट में उनका कितना बड़ा योगदान है। लेकिन किसी व्यक्ति की महानता सिर्फ उसके बनाये गए रिकॉर्ड्स के पैमाने पर ही मुकम्मल नहीं होती है। अपने हुनर में दक्ष होना जितनी बड़ी खासियत है उतनी ही बड़ी खासियत सफलता प्राप्त करने के बाद शालीन बने रहना भी है। एक ही साथ पढ़े और खेले सचिन की तरह विनोद काम्बली में हुनर तो कमाल का था लेकिन यह शालीनता ही थी जिसने सचिन तेंदुलकर को एक ब्रांड बना दिया। खैर बात करते हैं हाशिम अमला की।

इस्लामिक मान्यताएं

इस्लामिक मान्यताएं

हाशिम अमला भी अपनी शालीनता में शानदार रहे। एक समय दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का आधिकारिक जर्सी प्रायोजक, कैसल लेगर था। उस समय हाशिम अमला अपनी टीम का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी थे। कैसल लेगर, कैसल ब्रूअरीज का एक ब्रांड है जो दक्षिण अफ्रीका का एक पुराना और सर्वाधिक लोकप्रिय शराब की भट्ठी है। हाशिम अमला चूंकि इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं और इस्लाम में शराब को हराम माना गया है इसलिए उन्होंने अपनी जर्सी पर अपनी टीम के आधिकारिक जर्सी प्रायोजक, कैसल लेगर का लोगो लगाकर खेलने से साफ़ इनकार कर दिया था। यह फैसला लेना इतना भी आसान नहीं रहा था। अमला को इसके लिए अपने टीम मैनेजमेंट, प्रायोजक आदि से हुए विवादों का सामना करना पड़ा था। अमला को इसके लिए 5 सौ डॉलर का जुर्माना भी देना पड़ा था। लेकिन वो डिगे नहीं। आज के दौर में जब अमूमन हर कोई ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना चाहता है तब यह हाशिम ही थे जो अपने इस्लाम के उसूल पर अड़े रहे और शराब का विज्ञापन करने से मना कर दिया था। लेकिन यह अमला की शालीनता ही है कि उन्होंने खुद इस बात को कभी तूल नहीं दिया। अपनी मान्यताओं के तहत वह खेल को इस्लाम में और इस्लाम में खेल को कभी घालमेल होने नहीं दिया। वह चुपचाप अपने खेल को निखारने में लगे रहे।

हाशिम अमला जो इस्लाम के उसूल पर अड़ गया

हाशिम अमला जो इस्लाम के उसूल पर अड़ गया

अमला अपने इस उसूल से औरों के आदर्श बने। अमला का यह आदर्श ने क्रिकेट में कुछ और खिलाड़ियों का आदर्श भी बना है। दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर, अफ़ग़ानिस्तान के रशीद खान और इंग्लैंड के मोईन अली इस जमात में शामिल हैं। हालाँकि भारत के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने भी कभी शराब का विज्ञापन नहीं किया है। अब जब अमला ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है तो यह निर्विवाद है की वह अपने हुनर के साथ-साथ अपने मान्यताओं को जीने वाले एक शानदार खिलाड़ी के तौर पर हमेशा चिन्हित किये जायेंगे।

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Story first published: Saturday, August 10, 2019, 16:10 [IST]
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