चैंपियंस ट्राफी का टालना गलत: लोर्गाट
जोहांसबर्ग, 20 सितम्बर: पाकिस्तान में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के अगले साल तक टल जाने पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य हारुन लोर्गाट ने अफसोस जताया है।
उनका कहना है कि पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर चैंपियंस ट्राफी से हाथ खींचने वाले देशों को निश्चित तौर पर अपने फैसले पर पछतावा होगा।
गैरतलब है कि चैंपियंस ट्राफी का आयोजन इस महीने पाकिस्तान में होना था लेकिन कुछ देशों के इंकार के बाद इसे अगले वर्ष सितम्बर तक के लिए टाल दिया गया।
दक्षिण अफ्रीका के मशहूर समाचार पत्र 'बिजनेस डे' से बातचीत के दौरान हालांकि लोर्गाट ने एशियाई और पश्चिमी देशों के क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह की दूरी की बात को गलत बताया।
लोर्गाट ने कहा, "मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि चैंपियंस ट्राफी से हाथ खींचने वाले देशों को अपने फैसले पर पछतावा होगा। हालांकि यह कहना गलत है कि एशियाई और पश्चिमी देशों के क्रिकेट बोर्डो के बीच जारी आपसी खींचतान के कारण चैंपियंस ट्राफी को टाला गया।"
लोर्गाट मानते हैं कि इस प्रतियोगिता को लेकर हर देश अपने स्तर पर पाकिस्तान में सुरक्षा की जांच कर रहा था, जबकि होना यह चाहिए था कि सभी देशों के क्रिकेट बोर्डो को मिलकर एक समिति गठित करनी चाहिए थी, जो वहां के सुरक्षा हालात का जायजा लेती।
बकौल लोर्गाट, "सब अपनी धुन में थे। हर कोई अपने स्तर पर सुरक्षा का जायजा लेना चाहता था। ऐसे में सबकी राय एक कैसे हो सकती थी। आईसीसी ने बार-बार कहा कि पाकिस्तान में हालात क्रिकेट के लायक हैं। पाकिस्तान सरकार ने भी सुरक्षा का भरोसा दिलाया, लेकिन हमारी या उनकी किसी ने भी नहीं सुनी और नजीता हुआ कि खींचतान में चैंपियंस ट्राफी को टालना पड़ा।"
उनका कहना है कि पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर चैंपियंस ट्राफी से हाथ खींचने वाले देशों को निश्चित तौर पर अपने फैसले पर पछतावा होगा।
गैरतलब है कि चैंपियंस ट्राफी का आयोजन इस महीने पाकिस्तान में होना था लेकिन कुछ देशों के इंकार के बाद इसे अगले वर्ष सितम्बर तक के लिए टाल दिया गया।
दक्षिण अफ्रीका के मशहूर समाचार पत्र 'बिजनेस डे' से बातचीत के दौरान हालांकि लोर्गाट ने एशियाई और पश्चिमी देशों के क्रिकेट बोर्डो के बीच किसी तरह की दूरी की बात को गलत बताया।
लोर्गाट ने कहा, "मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि चैंपियंस ट्राफी से हाथ खींचने वाले देशों को अपने फैसले पर पछतावा होगा। हालांकि यह कहना गलत है कि एशियाई और पश्चिमी देशों के क्रिकेट बोर्डो के बीच जारी आपसी खींचतान के कारण चैंपियंस ट्राफी को टाला गया।"
लोर्गाट मानते हैं कि इस प्रतियोगिता को लेकर हर देश अपने स्तर पर पाकिस्तान में सुरक्षा की जांच कर रहा था, जबकि होना यह चाहिए था कि सभी देशों के क्रिकेट बोर्डो को मिलकर एक समिति गठित करनी चाहिए थी, जो वहां के सुरक्षा हालात का जायजा लेती।
बकौल लोर्गाट, "सब अपनी धुन में थे। हर कोई अपने स्तर पर सुरक्षा का जायजा लेना चाहता था। ऐसे में सबकी राय एक कैसे हो सकती थी। आईसीसी ने बार-बार कहा कि पाकिस्तान में हालात क्रिकेट के लायक हैं। पाकिस्तान सरकार ने भी सुरक्षा का भरोसा दिलाया, लेकिन हमारी या उनकी किसी ने भी नहीं सुनी और नजीता हुआ कि खींचतान में चैंपियंस ट्राफी को टालना पड़ा।"
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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