उनसे संबंधित पुस्तकों का आकर्षण न केवल युवाओं बल्कि बुजुगरें में भी देखने को मिल रहा है। प्रकाशकों का कहना है कि ऐसे तो पटना पुस्तक मेले में सचिन से संबंधित पुस्तकों की बिक्री हर साल होती थी लेकिन इस साल उनके जीवन पर आधारित पुस्तकों की बिक्री अधिक हो रही है।
प्रभात प्रकाशन ने इस मेले में सचिन पर लिखी पुस्तकें 'मास्टर ब्लास्टर' और शुभम पाल द्वारा लिखी 'सचिन तेंदुलकर-प्रश्नोत्तरी' पेश की हैं। प्रभात प्रकाशन के राजेश शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "इन दोनों पुस्तकों की मांग पुस्तक प्रेमियों में अधिक है। केवल बुधवार को दोनों पुस्तकों की 12 से 15 प्रतियां बिक गई हैं।"
शर्मा कहते हैं, "सचिन तेंदुलकर-प्रश्नोत्तरी' में सचिन से संबंधित एक हजार प्रश्न और उनके उत्तर हैं, इस कारण सचिन को जानने के इच्छुक लोग इस पुस्तक को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।"
इधर, पेंग्विन प्रकाशन के स्टॉल पर भी सचिन के प्रशंसक उनसे संबंधित पुस्तकों को खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। पेंग्विन प्रकाशन के आर. क़े अग्रवाल बताते हैं कि 'द स्टोरी ऑफ द वल्र्डस ग्रेटेस्ट बैट्समैन', 'सचिन ऑटर सैन्चूरी' और 'सचिन क्रिकेटर ऑफ द ईयर' नाम की पुस्तकों की सबसे ज्यादा मांग है। उन्होंने बताया कि ये तीनों किताबें दो दिन के अंदर ही पूरी बिक गईं। पुस्तक प्रेमियों की मांग पर एक-दो दिनों में और प्रतियां मंगाई जा रही हैं।
वह कहते हैं कि आम तौर पर ऐसी पुस्तकों की मांग पटना पुस्तक मेले में नहीं होती थी, परंतु इस वर्ष सचिन पर लिखी किताबों की मांग बढ़ी है।
इधर, सचिन के बुजुर्ग प्रशंसकरविशंकर कहते हैं कि वह 'द स्टोरी ऑफ द वर्ल्ड्स ग्रेटेस्ट बैट्समैन' खरीदने आए थे परंतु वह किताब उन्हें नहीं मिल सकी। उनका मामना है कि क्रिकेट जगत में सचिन से बड़ा न कभी कोई हुआ है और न होगा, इस कारण उनके विषय में जानने की लालसा सभी को होती है। वह कहते हैं कि सचिन पर लिखी पुस्तकें महंगी जरूर हैं परंतु खरीदना तो होगा ही क्योंकि वह क्रिकेट के भगवान हैं।
उल्लेखनीय है कि सचिन अपना आखिरी और 200वां टेस्ट मैच मुंबई के वानखेड़े मैदान में खेल रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।