टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों पर छाया टीम से बाहर होने का संकट, वजह है बड़ी
नई दिल्ली। भारतीय टीम मौजूदा समय की दुनिया की सबसे फिट टीम मानी जा रही है। इसकी वजह है टीम सिलेक्शन के दौरान खिलाड़ियों की कठिन परीक्षा। हालांकि अब खिलाड़ियों को और भी बड़े इम्तिहान से गुजरना होगा। दरअसल भारतीय क्रिकेट टीम के फिटनेस ट्रेनर शंकर बासु ने खिलाड़ियों के लिए रैंडम फिटनेस टेस्ट जरूरी कर दिया है। जिसके बाद खिलाड़ियों को हर सीरीज से पहले इस टेस्ट से गुजरना पड़ेगा।

फिटनेस ट्रेनर शंकर बासु नया यो-यो टेस्ट लेकर आए हैं
आपको बता दें कि अब फिटनेस टेस्ट कोई आम नहीं बल्कि बेहद कठिन और खास होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खिलाड़ियों को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग से जुड़े अभ्यास के बाद ट्रेनिंग ड्रिल्स से गुजरना होता है जिसके तहत खिलाड़ियों को चुना जाता है। अब फिटनेस ट्रेनर शंकर बासु खिलाड़ियों की फिटनेस को तय करने वाला यो-यो टेस्ट लेकर आए हैं।

इस फिटनेस टेस्ट मे यूवी-रैना को किया बाहर
बड़ी बात ये है कि इसी टेस्ट की वजह से युवराज सिंह की टीम में वापसी नहीं हो सकी। और वनडे टीम से बाहर हो गए। श्रीलंका दौरे पर फार्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को दो बार इस टेस्ट से गुजरते हुए देखा गया। पहली बार दूसरे टेस्ट से पहले उन्होंने रविचंद्रन अश्विन और चेतेश्वर पुजारा के साथ इस टेस्ट में हिस्सा लिया और फिर दांबुला वनडे से पहले उन्होंने कप्तान विराट कोहली और केएल राहुल के साथ इस टेस्ट में हिस्सा लिया। यही नहीं एमएस धोनी और सुरेश रैना भी इसी टेस्ट से गुजर चुके हैं जिसमें धोनी ने तो पास कर लिया लेकिन सुरेश रैना फेल हो गए। जिस वजह से उन्हें भी टीम में जगह नहीं मिल सकी।

फिटनेस का मुद्दा अहम: धवन
श्रीलंका के खिलाफ तूफानी बैटिंग कर रहे शिखर धवन ने भी इस टेस्ट को खास बताया। उन्होंने कहा "फिटनेस का मुद्दा हमारे लिए हमेशा अहम रहा है, लेकिन अब ये बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि टीम के सभी खिलाड़ियों को एक समान फिट रहना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में फिटनेस काफी जरूरी है। एक खराब फील्डिंग खेल का रुख बदल सकती है।"

भारत ही नहीं इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया भी दे रही है फिटनेस पर ध्यान
धवन ने ये भी कहा कि टीम इंडिया ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें भी फिटनेस पर काफी ध्यान दे रही हैं। दरअसल टीम इंडिया में इस तरह के फिटनेस टेस्ट को लाने के पीछे का कारण खिलाड़ियों का विकल्प तलाशना है। शिखर धवन ने खुद कहा है कि हमारी टीम में कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। ऐसे में कोई बड़ा खिलाड़ी चोट के चलते टीम से बाहर होता भी है तो दूसरा खिलाड़ी उसकी जगह आसानी से ले सकता है। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि अब बिना इस फिटनेस टेस्ट को पास किए कोई भी खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सकता।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
