जिसके बाद टीम इंडिया ने आईसीसी के सामने एंडरसन के इस ओछी हरकत की शिकायत की जिस पर आईसीसी एक्टिव हुआ और बुधवार को आईसीसी ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन पर भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान रवींद्र जडेजा पर नस्लीय टिप्पणी करने की शिकायत पर आरोप तय कर दिए हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार इस मामले की सुनवाई अगले 14 दिनों के अंदर पूरी हो जानी चाहिए।
अगर जांच में एंडरसन दोषी पाये जाते हैं तो उनपर कम से कम दो टेस्ट मैचों का प्रतिबंध लग सकता है। टीम इंडिया की इस शिकायत को एंडरसन ने गलत और बेबुनियाद बताा है वहीं टीम इंडिया के इस कदम से इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड भड़क गया है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने क्रिकेट मैदान पर हुई इस घटना को छोटी बात बताया है और कहा है कि वह भी जडेजा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगा।
गौरतलब है कि पहले टेस्ट में एंडरसन ने आखिरी विकेट के लिए जो रूट के साथ मिलकर 198 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी। उन्होंने 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 81 रन बनाए और 'मैन ऑफ द मैच' बने।
क्रिकेट के पिच पर इस तरह की घटनाएं पिछले कुछ समय से जैसे आम हो गई हैं। बात साल 2008 की है जब ऑस्ट्रेलियाई आलराउंडर ऐंड्रू साइमंड्स ने भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन नस्लीय टिप्पणी का आरोप लगाया था लेकिन बाद में पता चला मामला कुछ और था जिसे कि नस्लीय टिप्पणी की शक्ल दी गई थी।