ICC के हॉल ऑफ में शामिल हुए वीनू मांकड़ तो खुशी से झूम उठे सचिन तेंदुलकर, जानें क्या कहा

नई दिल्ली। आईसीसी की ओर से पहली बार आयोजित की जा रही विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मैच 18 जून से भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाना है, जिससे पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने इस प्रारूप के 144 सालों के दौरान टेस्ट क्रिकेट में अहम योगदान देने वाले 10 खिलाड़ियों को आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में शामिल करने का काम किया। आईसीसी ने रविवार को हॉल ऑफ फेम में शामिल किये गये सभी 10 खिलाड़ियों के नामों का ऐलान कर दिया जो कि 5 अलग-अलग युगों का प्रतिनिधित्व करते हुए चुने गये। इस लिस्ट में भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी वीनू मांकड़ का नाम भी शामिल है।

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आईसीसी के हॉल ऑफ फेम मे इस दिग्गज खिलाड़ी को शामिल किये जाने को लेकर भारत के दिग्गज बल्लेबाज और क्रिकेट का भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने खुशी जताई है। आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के पहले संस्करण और टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास का जश्न मनाने के लिये यह फेहरिस्त जारी की है और सभी खिलाड़ियों के योगदान के लिये उन्हें सम्मानित किया है।

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खुशी से झूम उठे सचिन तेंदुलकर

खुशी से झूम उठे सचिन तेंदुलकर

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने वीनू मांकड़ को क्रिकेट इतिहास के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक बताते हुए कहा कि उनकी वजह से भारतीय क्रिकेट इतने दिग्गजों से भरा हुआ है।

उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा,'वीनू मांकड़ जी को आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में शामिल किये जाने पर दिल खुशी से झूम उठा है। वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे अनमोल खिलाड़ियों में से एक थे।'

5 युग से 10 खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित

5 युग से 10 खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित

उल्लेखनीय है कि आईसीसी की ओर से इन 10 खिलाड़ियों को हॉल ऑफ फेम की लिस्ट में शामिल करने के बाद दिग्गज खिलाड़ियों के इस क्लब में शामिल होने वाले क्रिकेटरों की संख्या 103 पहुंच गई है। आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास को पांच युगों में बांटने का काम किया और हर युग से दो दिग्गज खिलाड़ियों को चुना जिसमें एक युग विश्व युद्ध से पहले, एक युग दोनों विश्व युद्ध के दौरान, तीसरा युग विश्व युद्ध के बाद का समय, चौथा युग वनडे क्रिकेट की शुरुआत का समय और पांचवा युग मॉर्डन डे क्रिकेट रहा।

मांकड़ को 1946-70 के युग के दौरान खेल में उनके अदम्य योगदान के लिये यह सम्मान दिया गया। इस युग से मांकड़ के अलावा इंग्लैंड के टेड डेक्सटर को भी सम्मानित किया गया। आईसीसी ने साउथ अफ्रीका के हरफनमौला खिलाड़ी औब्रे फॉक्नर, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज मोंटी नोब्ले, वेस्टइंडीज के लियरी कॉन्टेस्टाइन, ऑस्ट्रेलिया के स्टैन मैक्बी, इंग्लैंड के टेड डेक्सटर, भारत के वीनू मांकड़, वेस्टइंडीज के डायमंड हेन्स, इंग्लैंड के बॉब विलिस, जिम्बाब्वे के एंडी फ्लॉवर और श्रीलंका के कुमार संगाकारा को शामिल करने का काम किया है।

ऐसा रहा है वीनू मांकड़ का करियर

ऐसा रहा है वीनू मांकड़ का करियर

गौरतलब है कि वीनू मांकड़ ने अपने करियर के दौरान 44 टेस्ट मैच खेलकर 31.47 की औसत से 2109 रन बनाने का काम किया था जबकि 32.32 की औसत से 162 विकेट भी हासिल किये थे।

वह विश्व क्रिकेट के उन 3 खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने टेस्ट प्रारूप में हर नंबर पर बल्लेबाजी करने का रिकॉर्ड बनाया है। वह भारत के महान हरफनमौला खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने 1952 में लॉर्डस के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ 97 ओवर्स की गेंदबाजी करने के साथ ही 72 और 184 रनों की पारी खेलने का काम किया था। आपको बता दें कि क्रिकेट में मांकड़िंग का टर्म वीनू मांकड़ के ही नाम पर पड़ा है जिन्होंने सबसे पहले नॉन स्ट्राइकर एंड छोड़कर भागने पर बल्लेबाज को आउट किया था।

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Story first published: Monday, June 14, 2021, 22:16 [IST]
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