नई दिल्ली: विश्व कप 2019 में 30 जून को भारत का मुकाबला इंग्लैंड के साथ है। इस मैच में टीम इंडिया अपनी परंपरागत ब्लू जर्सी के बजाए ऑरेंज जर्सी में खेलती नजर आएगी। जबकि मेजबान इंग्लैंड ब्लू जर्सी में खेलता नजर आएगा और उनके पास इसी जर्सी में आगे भी खेलते रहने का अधिकार होगा। आपको बता दें कि यह नियम 'होम और अवे' यानी घर और बाहर होने वाले मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है जिसके तहत किसी भी टीम को दो रंगों की जर्सी साथ रखने का अधिकार होगा।
विराट कोहली एंड कंपनी इंग्लैंड के खिलाफ नारंगी रंगी की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी। माना जा रहा है कि इस नई जर्सी के कॉलर में आपको भारतीय टीम के परंपरागत नीले रंग की झलक देखने को मिलेगी। अब इस जर्सी के रंग के ऊपर भारत में राजनीतिक सियासत शुरू हो गई है। भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अब जर्सी के रंग पर आपत्ति जताई है और इसको भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी का भगवाकरण करने की साजिश करार दिया है। कांग्रेस को इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) का भी साथ मिला है।
इन पार्टियों का यह भी कहना है कि जर्सी का भगवाकरण करके सरकार तिरंगे झंडे का भी विरोध कर रही है। अब इसी फेहरिस्त में आईसीसी को बयान जारी कर अपना पक्ष रखना पड़ा है। आईसीसी ने जर्सी के रंग के मामले से अपने अलग करते हुए कहा है कि आईसीसी ने बीसीसीआई को ये विकल्प दिया था कि उसको जो भी कलर कांबिनेशन सबसे अच्छा लगे वो उसको चुन ले। आईसीसी ने बताया है कि इंग्लैंड भी 30 जून को होने वाले मैच में ऐसे ही शेड की जर्सी पहनकर उतरेगी इसलिए दोनों टीमों के बीच अंतर करने के लिए ये विचार लागू किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, इस जर्सी का डिजाइन भारतीय टीम की पुरानी टी-20 जर्सी से लिया गया है जिसमे नारंगी रंग शामिल था।