हॉकी फेडरेशन को मान्यता, लौटा गिल शासन
नई दिल्ली। हॉकी इंडिया की मान्यता खत्म करने के ठीक बाद केंद्र सरकार ने भारतीय हॉकी फेडरेशन को फिर से मान्यता दे दी है। खेल मंत्रालय ने केपीएस गिल के नेतृत्व वाले इस संगठन को हॉकी का प्रतिनिधित्व करने को कहा है।
खेल मंत्रालय का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब एक दिन पहले मंत्रालय ने गुरुवार के चुनाव में अपने दिशानिर्देशों का पालन न करने के आरोप में हॉकी इंडिया (एचआई) की अस्थायी मान्यता वापस ले ली थी। मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन (एफआईएच) के अध्यक्ष लींड्रो नीगरे को इस घटना के बारे में एक पत्र लिख कर सूचित कर दिया है।
मंत्रालय ने भेजा पत्र
पत्र में मंत्रालय ने लिखा है, "सरकार ने पांच अगस्त, 2010 को जारी आदेश के तहत हॉकी इंडिया की मान्यता समाप्त कर दी है। उसकी एक प्रति आपको भेज दी गई है। यानी एचआई देश में हॉकी के प्रबंधन, नियंत्रण और प्रसार के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल परिसंघ (एनएसएफ) नहीं रह गई है। इसके पास अब राष्ट्रीय टीम के गठन और उसे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भेजने का अधिकार भी नहीं रहेगा।"
मंत्रालय के पत्र में कहा गया है, "इस घटना के मद्देनजर सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 21.05.2010 के फैसले के आलोक में आईएचएफ को भारत में एनएसफ की प्रतिनिधि संस्था के रूप में मान्यता दे दी है।"
पत्र में आगे लिखा गया है, "आपसे निवेदन किया जाता है कि एचआई के साथ किसी भी तरह का व्यावसायिक करार न करें और न तो कोई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी की जिम्मेदारी ही सौंपे। क्योंकि एचआई अब भारत में हॉकी के लिए एनएसएफ नहीं रह गई है। सरकार ने उसकी मान्यता समाप्त कर दी है। यह अब एक निजी संस्था बन कर रह गई है।"
गिल ने किया स्वागत
केपीएस गिल ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, "मैं सरकार के निर्णय का स्वागत करता हूं। यह हॉकी के ढांचे के पुननिर्माण के लिए एक सकारात्मक कदम है। प्रायोजकों की कोई कमी नहीं है। हम हॉकी के प्रसार के लिए प्रायोजकों को लाएंगे।"
खेल मंत्रालय का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब एक दिन पहले मंत्रालय ने गुरुवार के चुनाव में अपने दिशानिर्देशों का पालन न करने के आरोप में हॉकी इंडिया (एचआई) की अस्थायी मान्यता वापस ले ली थी। मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन (एफआईएच) के अध्यक्ष लींड्रो नीगरे को इस घटना के बारे में एक पत्र लिख कर सूचित कर दिया है।
मंत्रालय ने भेजा पत्र
पत्र में मंत्रालय ने लिखा है, "सरकार ने पांच अगस्त, 2010 को जारी आदेश के तहत हॉकी इंडिया की मान्यता समाप्त कर दी है। उसकी एक प्रति आपको भेज दी गई है। यानी एचआई देश में हॉकी के प्रबंधन, नियंत्रण और प्रसार के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल परिसंघ (एनएसएफ) नहीं रह गई है। इसके पास अब राष्ट्रीय टीम के गठन और उसे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भेजने का अधिकार भी नहीं रहेगा।"
मंत्रालय के पत्र में कहा गया है, "इस घटना के मद्देनजर सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 21.05.2010 के फैसले के आलोक में आईएचएफ को भारत में एनएसफ की प्रतिनिधि संस्था के रूप में मान्यता दे दी है।"
पत्र में आगे लिखा गया है, "आपसे निवेदन किया जाता है कि एचआई के साथ किसी भी तरह का व्यावसायिक करार न करें और न तो कोई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी की जिम्मेदारी ही सौंपे। क्योंकि एचआई अब भारत में हॉकी के लिए एनएसएफ नहीं रह गई है। सरकार ने उसकी मान्यता समाप्त कर दी है। यह अब एक निजी संस्था बन कर रह गई है।"
गिल ने किया स्वागत
केपीएस गिल ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, "मैं सरकार के निर्णय का स्वागत करता हूं। यह हॉकी के ढांचे के पुननिर्माण के लिए एक सकारात्मक कदम है। प्रायोजकों की कोई कमी नहीं है। हम हॉकी के प्रसार के लिए प्रायोजकों को लाएंगे।"
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:16 [IST]
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