नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना महामारी का प्रकोप फैला हुआ है और महामारी की दूसरी लहर ने भारत की कमर तोड़ दी है। इस बीच आईसीसी टी-20 विश्वकप के आयोजन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भारत को इस बार के टी-20 विश्वकप के आयोजन की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन जिस तरह से भारत में कोरोना के मामले फैले हैं उसे देखते हुए कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इन्ही सवालों के बीच आईसीसी 1 जून की अहम बैठक में विश्वकप की आगे की राह पर फैसला लेगा। आईसीसी की बैठक से दो दिन पहले बीसीसीआई स्पेशल जनरल मीटिंग करेगा। आईसीसी की बैठक से ठीक पहले इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि विश्वकप के आयोजन को लेकर क्या अंतिम फैसला लेना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विश्वकप भारत की बजाए यूएई में कराया जा सकता है।
1 जून को विश्वकप पर फैसला
सूत्र के अनुसार आईसीसी को मौजूदा स्थिति की जानकारी है, लेकिन विश्वकप के आयोजन को लेकर सिर्फ कयास नहीं लगाए जासकते हैं, लिहाजा 1 जून को होने वाली बैठक में क्या फैसला लिया जाता है इसका इंतजार करना होगा। बता दें कि टी-20 विश्वकप का आयोजन 18 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच किया जाएगा। दरअसल जिस तरह से बीसीसीआई ने आईपीएल को कोरोना के चलते बीच में ही सस्पेंड किया उसके बाद बीसीसीआई के सामने दो बड़ी चुनौती हैं। पहली तो बाकी के बचे हुए आईपीएल मैचों का आयोजन कराना और दूसरी, विश्वकप का सफल आयोजन।
मुश्किल में बीसीसीआई
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पहले ही साफ कर दिया है कि आईपीएल के बचे हुए मैच भारत में नहीं कराए जाएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि आईपीएल के बचे हुए मैच विश्वकप से पहले कराए जा सकते हैं। ऐसे में संभव है कि यूएई में में ही विश्वकप से पहले आईपीएल के बचे हुए मैचों का आयोजन कराया जाए। लेकिन बड़ी चुनौती यह है कि क्या विदेशी खिलाड़ी इस समय आईपीएल के लिए उपलब्ध होंगे। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कइ उनके खिलाड़ी इस साल आईपीएल के बचे हुए मैचों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।
टेस्ट चैंपियनशिप पर नजर
बता दें कि फिलहाल भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर जा रही है। 3 जून को भारतीय टीम इंग्लैंड पहुंचेगी और 18 जून को आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले को लेकर बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा कि यह द्वीपक्षीय टेस्ट सीरीज नहीं है,लिहाजा हमे यह पता होना चाहिए कि खेल की परिस्थिति क्या होगी। फिलहाल तीन मुख्य मुद्दे हैं और हमे इसकी जानारी होनी चाहिए कि अगर मैच ड्रॉ होता है, टाई होता है या फिर एक पारी के पूरा हुए बिना ही खत्म होता है तो क्या होगा। गौर करने वाली बात है कि 18 जून को टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले के लिए मैदान में 4000 दर्शकों के आने की अनुमति दी गई है। ऐसे में मैदान में दर्शकों के बीच टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है।