रोमांचक स्थिति में नागपुर टेस्ट
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर टेस्ट रोमांचक स्थिति में पहुँच गया है. टेस्ट में जीत हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को 382 रनों का लक्ष्य मिला.
चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने बिना कोई विकेट गँवाए 13 रन बना लिए हैं. मैथ्यू हेडन पाँच और साइमन कैटिच आठ रन पर नाबाद हैं.
इससे पहले वीरेंदर सहवाग और मुरली विजय, उसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और हरभजन सिंह की अच्छी बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत ने दूसरी पारी में 295 रन बनाए हैं.
पहली पारी के आधार पर भारत को 86 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली है. पहली पारी में भारत ने 441 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने जवाब में 355 रन बनाए.
दूसरी पारी में भारत की ओर से वीरेंदर सहवाग ने सर्वाधिक 92 रन बनाए, जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 55 और हरभजन सिंह ने 52 रनों की पारी खेली. मुरली विजय ने 41 रन बनाए.
जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेन वॉटसन और जेसन क्रेज़ा ने चार-चार विकेट लिए. अपना पहला टेस्ट खेल रहे क्रेज़ा ने पहली पारी में आठ विकेट लिए थे. इस तरह अपने पहले टेस्ट में क्रेज़ा ने कुल 12 विकेट चटकाए.
दूसरी पारी में एक बार फिर वीरेंदर सहवाग और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मुरली विजय ने शानदार शुरुआत दी. सहवाग ने अपने अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की तो मुरली ने संयम के साथ.
दोनों ने पहले विकेट के लिए 116 रन जोड़े. लेकिन मुरली विजय के 41 रन पर आउट होते ही एक बार फिर भारतीय पारी लड़खड़ा गई.
राहुल द्रविड़ फिर नाकाम रहे और सिर्फ़ तीन रन बनाकर आउट हो गए. लग रहा था कि वीरेंदर सहवाग इस बार शतक लगा ही लेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 92 रन के निजी स्कोर पर सहवाग ब्रेट ली की गेंद पर आउट हो गए.
बल्लेबाज़ी
भारत के तीन विकेट 142 रन पर गिर गए. इसके बाद लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर ने संभल कर खेलना शुरू किया. लेकिन दोनों खिलाड़ी काफ़ी दबाव में खेल रहे थे.
क्रेज़ा ने पहले टेस्ट में कुल 12 विकेट लिए
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने काफ़ी अच्छी रणनीति बनाई और फ़ील्डिंग भी ऐसी लगाई कि दोनों खिलाड़ियों के लिए रन बनाना मुश्किल हो रहा था. दबाव में पहले टूटे वीवीएस लक्ष्मण. क्रेज़ा की गेंद पर वे क्लीन बोल्ड हो गए.
लक्ष्मण ने 34 गेंद पर सिर्फ़ चार रन बनाए. अपना आख़िरी टेस्ट खेल रहे गांगुली ने पहली पारी में 85 रन बनाए थे लेकिन दूसरी पारी में वे बिना कोई रन बनाए पहली ही गेंद पर आउट हो गए.
सचिन भी अपने अंदाज़ में नहीं खेल पा रहे थे. उनकी कोशिश लग रही थी कि विकेट न गिरे. लेकिन एक रन लेने की कोशिश में वे रन आउट हो गए.
सचिन ने 55 गेंद पर 12 रन बनाए. इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और हरभजन सिंह ने बिना दबाव आक्रामक पारी खेलना शुरू किया. दोनों ने तेज़ी से रन बटोरने शुरू किए.
धोनी ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया लेकिन वे 55 रन बनाकर आउट हो गए. भज्जी और धोनी ने सातवें विकेट की साझेदारी में 108 रन बनाए. लेकिन साझेदारी टूटते ही भारतीय पारी फिर बिखर गई.
हरभजन सिंह 52 रन बनाकर आउट हुए. भारत की पूरी टीम 295 रन पर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेन वॉटसन और जेसन क्रेज़ा ने चार-चार विकेट लिए. ब्रेट ली को एक विकेट मिला.
चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने बिना कोई विकेट गँवाए 13 रन बना लिए हैं. मैथ्यू हेडन पाँच और साइमन कैटिच आठ रन पर नाबाद हैं.
इससे पहले वीरेंदर सहवाग और मुरली विजय, उसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और हरभजन सिंह की अच्छी बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत ने दूसरी पारी में 295 रन बनाए हैं.
पहली पारी के आधार पर भारत को 86 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली है. पहली पारी में भारत ने 441 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने जवाब में 355 रन बनाए.
दूसरी पारी में भारत की ओर से वीरेंदर सहवाग ने सर्वाधिक 92 रन बनाए, जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 55 और हरभजन सिंह ने 52 रनों की पारी खेली. मुरली विजय ने 41 रन बनाए.
जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेन वॉटसन और जेसन क्रेज़ा ने चार-चार विकेट लिए. अपना पहला टेस्ट खेल रहे क्रेज़ा ने पहली पारी में आठ विकेट लिए थे. इस तरह अपने पहले टेस्ट में क्रेज़ा ने कुल 12 विकेट चटकाए.
दूसरी पारी में एक बार फिर वीरेंदर सहवाग और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मुरली विजय ने शानदार शुरुआत दी. सहवाग ने अपने अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की तो मुरली ने संयम के साथ.
दोनों ने पहले विकेट के लिए 116 रन जोड़े. लेकिन मुरली विजय के 41 रन पर आउट होते ही एक बार फिर भारतीय पारी लड़खड़ा गई.
राहुल द्रविड़ फिर नाकाम रहे और सिर्फ़ तीन रन बनाकर आउट हो गए. लग रहा था कि वीरेंदर सहवाग इस बार शतक लगा ही लेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 92 रन के निजी स्कोर पर सहवाग ब्रेट ली की गेंद पर आउट हो गए.
बल्लेबाज़ी
भारत के तीन विकेट 142 रन पर गिर गए. इसके बाद लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर ने संभल कर खेलना शुरू किया. लेकिन दोनों खिलाड़ी काफ़ी दबाव में खेल रहे थे.
क्रेज़ा ने पहले टेस्ट में कुल 12 विकेट लिए
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने काफ़ी अच्छी रणनीति बनाई और फ़ील्डिंग भी ऐसी लगाई कि दोनों खिलाड़ियों के लिए रन बनाना मुश्किल हो रहा था. दबाव में पहले टूटे वीवीएस लक्ष्मण. क्रेज़ा की गेंद पर वे क्लीन बोल्ड हो गए.
लक्ष्मण ने 34 गेंद पर सिर्फ़ चार रन बनाए. अपना आख़िरी टेस्ट खेल रहे गांगुली ने पहली पारी में 85 रन बनाए थे लेकिन दूसरी पारी में वे बिना कोई रन बनाए पहली ही गेंद पर आउट हो गए.
सचिन भी अपने अंदाज़ में नहीं खेल पा रहे थे. उनकी कोशिश लग रही थी कि विकेट न गिरे. लेकिन एक रन लेने की कोशिश में वे रन आउट हो गए.
सचिन ने 55 गेंद पर 12 रन बनाए. इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और हरभजन सिंह ने बिना दबाव आक्रामक पारी खेलना शुरू किया. दोनों ने तेज़ी से रन बटोरने शुरू किए.
धोनी ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया लेकिन वे 55 रन बनाकर आउट हो गए. भज्जी और धोनी ने सातवें विकेट की साझेदारी में 108 रन बनाए. लेकिन साझेदारी टूटते ही भारतीय पारी फिर बिखर गई.
हरभजन सिंह 52 रन बनाकर आउट हुए. भारत की पूरी टीम 295 रन पर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेन वॉटसन और जेसन क्रेज़ा ने चार-चार विकेट लिए. ब्रेट ली को एक विकेट मिला.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
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