नए विश्व चैंपियन के बाद विलियमसन के रूप में क्रिकेट को नया हीरो भी मिला

नई दिल्ली: जब केन विलियमसन अपने जीवन की सबसे मुश्किल प्रेस कॉन्फ्रेस करके उठे तो वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनकी जमकर तारीफ की थी। हारने के बाद भी विलियमसन की मुस्कान उनके अंदर मौजूद लड़ाके की जीवटता का गजब परिचय दे रही थी। उनकी टीम टूर्नामेंट में इतने कम अंतर से हार गई जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। इंग्लैंड भले ही विश्व चैंपियन बन गया है लेकिन सच यही है कि 14 जुलाई के दिन लॉर्ड्स में हुआ मुकाबला टाई हुआ था। वह भी एक नहीं बल्कि दो बार।

उसके बाद बाउंड्री के आधार पर मैच का फैसला हुआ जिसमे इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को आसानी से 26-17 के अंतर से हरा दिया। किस्मत इस मैच में शुरू से इंग्लैंड के साथ रही। जेसन रॉय पारी की पहली ही गेंद पर पगबाधा थे लेकिन यह यहां अंपायर कॉल नॉट आउट की थी। उसके बाद अंतिम ओवर में बेन स्टोक्स के बल्ले से थ्रो की गई गेंद लगकर सीधे चार रनों के लिए चली गई। ऐसे में कोई भी इंसान न्यूजीलैंड के लिए भावनाओं में टूट जाएगा। ऐसे में कीवी कप्तान केन विलियमसन ने जिस तरह से अपने आपको और टीम को संभाला वह अलग ही दर्जे के इंसान नजर आए।

विलियमसन ने बताया वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से कहां हुई चूक

उन्होंने मुस्कान के पीछे अपना दर्द छुपाने की कोशिश की। वह सफल तो नहीं हो सके लेकिन दिल जरूर जीत ले गए। न्यूजीलैंड ने इस मैच में अपना सब कुछ झोंक दिया था। अब वे रन-अप के टैग के साथ ही क्रिकेट जगत में पहले से अधिक सम्मान के पात्र बन चुके हैं। जब विलियमसन से यह पूछा गया कि क्या वह क्रिकेट में बाकी लोगों को भी इतना ही जेंटलमैन देखना पसंद करेंगे जितने की वे खुद हैं तो उन्होंने कहा- 'सभी को अपनी तरह जीने की छूट है। दुनिया के बारे में ये एक अच्छी बात है। और प्रत्येक इंसान दूसरे से थोड़ा अलग भी होना चाहिए। मेरा जवाब होगा की जैसे आप हैं वैसे रहिए और जो कर रहे हैं उसका आनंद लीजिए।'

विलियमसन ने कहा कि टीम इस हार से गुस्से में नहीं है। हालांकि बहुत सारी निराशाएं हैं। लड़के वास्तव में इस बात को बहुत महसूस कर रहे हैं। खासकर तब जब उन्होंने मैच में अपनी जान झोंक दी थी। विलियमन को मैन ऑफ द सीरीज भी दिया गया है लेकिन वे इसको ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं। वे कहते हैं कि व्यक्तिगत प्रदर्शन अच्छी बात है लेकिन जब टीम इतने छोटे अंतर से विश्व कप उठाने से चूक जाती है तब आप सोचते हैं कि अपनी टीम के लिए थोड़ा और बेहतर किया जा सकता था।

लॉर्ड्स में फिर जीवंत हुआ क्रिकेट, बड़े मंचों पर अब तक ऐसा रहा है टाई मैचों का सफर

इसके अलावा पिच पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि '300 रन वाली पिच हमें नहीं मिली जैसी उम्मीद की जा रही थी। न्यूजीलैंड की टीम ने दिल और जान से मैच खेला और हमें इस स्टेज तक पहुंचाया लेकिन यह ऐसे खत्म नहीं होना चाहिए था। बहुत सारे खिलाड़ी दुखी हैं, यह हार वाकई दिल को तोड़ने वाली है।' जी हां, यह हार वाकई में दिल को तोड़ने वाली है लेकिन इसने एक ऐसी टीम और उसके कप्तान को जज्बा दुनिया के सामने रखा जिसको हमेशा से क्रिकेट का छुपा रुस्तम बताया जाता था।

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Story first published: Monday, July 15, 2019, 14:18 [IST]
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