IND vs BAN: 5 बड़े कारण जिनके चलते आपको पिंक बॉल टेस्ट जरूर देखना चाहिए
नई दिल्ली: मेजबान भारत और मेहमान बांग्लादेश दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के लिए तैयार हैं। यह भारत में पहला दिन / रात टेस्ट मैच भी है। जिस पैमाने पर बीसीसीआई ने इस इवेंट के लिए तैयारियां की है उसको देखते हुए इसके सफल आयोजन में किसी प्रकार का कोई शक नहीं है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टेस्ट भारत में एक नया अनुभव है। ये क्रिकेट के परंपरागत ढांचे में एक ऐसा बदलाव है जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी इसके बावजूद भारत इस बदलाव को अपनाने वाले सबसे अंतिम देशों में शामिल हुआ है। हम आपको पांच महत्वपूर्ण कारण बताने जा रहे हैं कि आपको इस गुलाबी गेंद और बल्ले की मुठभेड़ को देखने के बारे में क्यों विचार करना चाहिए-

गुलाबी गेंद की 'हरकत'
इस मैच से पहले गुलाबी गेंद को लेकर बहुत सारी बातें, जिज्ञासाएं और सावधानियां भी बरतने की बातें की जा रही हैं। पिंक गेंद बहुत ही तेजी के साथ भारतीय खेलों में इस समय हॉट टॉपिक बन गई है। इस गेंद को लेकर बताया जा रहा है कि शाम के समय ये खास चुनौतियां पैदा करती है जिसमें गेंद को उसके रंग के कारण देखने में तालमेल बैठाना, गेंद की काली सीम जो रात में दिखाई देनी मुश्किल है, गेंद पर लगाई गई अतिरिक्त परत जिसके चलते इसको स्विंग में काफी मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर पिंक बॉल गेंदबाजी के लिए स्वर्ग और बल्लेबाजों के लिए नई चुनौती के रूप में प्रस्तुत है। ऐसे में ईडन पर इसको देखना काफी दिलचस्प होगा।
IND vs BAN: गुलाबी रोशनी से सजा ईडन गार्डन्स, जानिए खास मैदान की बड़ी उपलब्धियां

बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर सौरव गांगुली का पहला इवेंट-
वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में पहला बड़ा इवेंट ये हो रहा है। गांगुली ने ईडन गार्डन्स, कोलकाता में पिंक बॉल टेस्ट मैच की शुरुआत करके भारतीय क्रिकेट में नवीनता का संचार किया है। गांगुली से पहले प्रशासकों की समिति की अधीनता में काम करते हुए भारतीय टीम प्रबंधन हमेशा से पिंक बॉल खेलने से बचता रहा लेकिन गांगुली को कोहली को इसके लिए मनाने में केवल 2 मिनट लगे।

भविष्य की ओर कदम-
कोलकाता पहले डे-नाइट टेस्ट मैच के साथ गुलाबी हो गया। मैच स्थल ईडन गार्डन्स को गुलाबी रोशनी से सजाया जा रहा है। सौरव गांगुली स्टैंड और जगमोहन डालमिया स्टैंड के साथ पूरे स्टेडियम को भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक मैच के लिए तैयार किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद रहेंगी। पिंक बॉल का यह इवेंट देश में आगे भी गुलाबी गेंद वाले कई मैचों की मेजबानी करने का मार्ग प्रशस्त करेगा क्योंकि गुलाबी ही आगे जाकर टेस्ट क्रिकेट में नया रेड होने जा रहा है।
डे-नाइट टेस्ट की पिंक बॉल को देखने के लिए अंपायर भी करें ट्रेनिंग: साइमन टाफेल

टेस्ट क्रिकेट - क्रिकेट का टॉप फार्मेट
1800s में, पहली बार क्रिकेट ने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत के साथ खेलों में अपनी पहचान बनाई। यह एशेज से विकसित होकर धीरे-धीरे कई देशों में फैलता गया। आज भी टेस्ट क्रिकेट ही इस खेल का सबसे चुनौतीपूर्ण, विशुद्ध और परंपरागत प्रारूप है जो बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों की असल काबिलियत की परीक्षा लेता है। अब टेस्ट क्रिकेट पर लगातार टी-20 और टी-10 जैसी नई लीगों का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में पिंक बॉल टेस्ट बदले हुए समय में क्रिकेट के इस प्रारूप में किया गया एक अहम बदलाव है।

ईडन का ऐतिहासिक मैदान-
ईडन गार्डन्स को भारतीय क्रिकेट का मक्का कहा जाता है क्योंकि यह कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड देख चुका है। हरभजन सिंह 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय यही पर बने थे। रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ अपने 264 रन के साथ एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे अधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाया था। अब ईडन गार्डन्स भारत के पहले दिन और रात टेस्ट की मेजबानी करेगा।
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